‘तसलीमा नसरीन की कविताएँ’ से
मूल बांग्ला से अनुवाद: मुनमुन सरकार

थोड़े में ही ख़ुश हो जाती हूँ इसका मतलब यह नहीं
कि छोड़े और फेंके के सिवा और कुछ अच्छा ही न लगे
कष्ट-पीड़ा से भी ख़ूब परिचित हूँ इसका मतलब यह तो नहीं
कि आकाश या उससे भी परे कोई अतल या पाताल
धारण नहीं कर सकती?
लोहा पाकर नाचने लगती हूँ तो क्या हीरे को नहीं पहचानती?

विनम्र होने का अर्थ यह नहीं कि वर्जनाएँ सही जाएँ,
ताल से लेती हूँ यदि बूँद-भर तो इसका यह अर्थ नहीं
कि अधिक के प्रति मेरा आग्रह कुछ कम है।
घास-भूसा देकर धन्य करने का कौशल ख़ूब जानते हो
मैं चाहे जितनी भी अभागी होऊँ
लेकिन मैंने भी सीखा है फेंकना जीभ का थोड़ा-बहुत मीठा स्वाद

अगर देना ही है तो, सब कुछ दे दो, जो भी है घर में
और बाहर जो है वह तो दोगे ही
छिपाया हुआ जो कुछ है, वह भी दे दो।
तुम्हें चाहा है ऑक्टोपस की सारी भुजाएँ फैलाकर,
दोगे यदि तो आदि से अन्त तक दे दो
जड़ के न रहने पर मंजरी झर जाती है।

तस्लीमा नसरीन का आत्मकथ्य 'कैसा है मेरा जीवन'

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