ख़ूबसूरती में उसकी
मिसाल ढूँढना
मुम्किन नहीं
क्योंकि वो
किताबों की सीली पर
सजी महक है,
समुंदरी लहरातों से
तराशा हुआ
सुर्मई पत्थर है,
सर्द रातों में
स्लाइडिंग से नज़र आती
हलकी नीली चमक है,
चटख़ारे के ठीक दरमियान
पैदा होने वाला रस है,
फिर भी उस काफ़िर को
मेरे इस यक़ीन पर
शक है
कि वो क़ुदरत की
सब से हसीन तख़लीक़ है!

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तसनीफ़
तसनीफ़ हिन्दी-उर्दू शायर व उपन्यासकार हैं। उन्होंने जामिआ मिल्लिया इस्लामिया से एम. ए. (उर्दू) किया है। साथ ही तसनीफ़ एक ब्लॉगर भी हैं। उनका एक उर्दू ब्लॉग 'अदबी दुनिया' है, जिसमें पिछले कई वर्षों से उर्दू-हिन्दी ऑडियो बुक्स पर उनके यूट्यूब चैनल 'अदबी दुनिया' के ज़रिये काम किया जा रहा है। हाल ही में उनका उपन्यास 'नया नगर' उर्दू में प्रकाशित हुआ है। तसनीफ़ से [email protected] पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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