क्या सच वही है जो दिखता है?
क्या सच वही है जो सुनता है?
क्या सच वही है जो झूठ नहीं है?
क्या सच का वर्ण-रूप नहीं है?
अस्तित्व सच का निर्विवादित रहेगा
पर क्या सच अपरिभाषित रहेगा?

सच की खोज में कौन गया है?
क्या लौट आया है यदि गया है?
सच को किसने सही कहा है?
क्या देखा-सुना वही कहा है?
सच सुन्दर मर्यादित रहेगा
पर क्या सच अपरिभाषित रहेगा?

सच को जिसने कटु कहा है?
उस वाणी में क्या मधु रहा है?
सच में मारे है झूठ कुलाँचे
जैसे पूर्वज लिख दे और वंशज बाँचे
सच शोभित अलंकारित रहेगा
पर क्या सच अपरिभाषित रहेगा?

चाहिए सच को अवलम्ब किसका?
बाहर लाओ, है भय-भ्रम किसका?
सच को ईश का मार्ग कहा है
पर समझ तो आये कि सच क्या है?
सच शाश्वत निरंकारित रहेगा
पर क्या सच अपरिभाषित रहेगा?

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राहुल बोयल
जन्म दिनांक- 23.06.1985; जन्म स्थान- जयपहाड़ी, जिला-झुन्झुनूं( राजस्थान) सम्प्रति- राजस्व विभाग में कार्यरत पुस्तक- समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता - संग्रह) नष्ट नहीं होगा प्रेम ( कविता - संग्रह) मैं चाबियों से नहीं खुलता (काव्य संग्रह) ज़र्रे-ज़र्रे की ख़्वाहिश (ग़ज़ल संग्रह) मोबाइल नम्बर- 7726060287, 7062601038 ई मेल पता- [email protected]

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