सुनो दारोग़ा,
मैं एक गुमशुदा की
रपट लिखाना चाहता हूँ—

नाम?
लोकतंत्र।
पूरा नाम?
रोटी, कपड़ा और मकान।

रंग?
गहरा लाल ख़ून।
पता?
हाकिम की रैली।

कब से लापता है?
सन् सैतालिस की रात से।

किसी पर शक?
हाँ, अपहरण।
किसने किया?
मेरे देश की संसद…

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आलोक आज़ाद
I am PhD final year student in JNU and a passionate poet ... I have published a poetry book named- Daman ke khilaaf

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