Tag: Archana Verma

Archana Verma

संकल्प

बड़ा था तो क्या, था तो आँगन ही। दीवारें थीं। छत नहीं थी, ग़नीमत वरना इतना-सा आकाश भी मेरे हिस्से में न होता।आकाश था तो क्या, पंख...
Archana Verma

राजद्रोह

'Rajdroh', Hindi Kavita by Archana Vermaराजा बहुत भला था, राजा की इच्छा थी एक ही ऐसी उद्दाम कि अभी इसी वक़्त प्रजा हो सुखी इतनी और ऐसी कि...
Archana Verma

शोक-गीत

'Shok Geet', a poem by Archana Vermaफूलों में फूटकर गाती है लता पतझड़ का शोक-गीत और तुम कहते हो वसंत हैफूटने के बाद बस फूल ही दिखता है या थरथराती...
Archana Verma

न कुछ चाहकर भी

इस घने घुप्प अँधेरे में आस पास गूँजता सरसराता है तुम्हारा सवाल सन्नाटे की साँस का झोंका हो जैसे- "आखिर मैं तुमसे चाहती क्या हूँ?" जवाब के पहले...
Archana Verma

बचपन की कहानियों का राजकुमार

हवा से तेज़ घोड़े पर सवार बड़ी खतरनाक मुहिम पर निकला था बचपन की कहानियों का राजकुमार।चलने के पहले ही गुरु ने समझाया था पहले गये हुए...
Archana Verma

सौख

कविता संग्रह 'लौटा है विजेता' सेझुनिया को चर्राया इज़्ज़त का सौख बड़के मालिक की उतरन का कुरता देखने में चिक्कन बरतने में फुसफुस नाप में भी छोटा कंधे पर छाती पर कसता बड़ी ज़िद और...
Archana Verma

आदत

'Aadat', a poem by Archana Vermaमरदों ने घर को लौटने का पर्याय बना लिया और लौटने को मर जाने का घर को फिर उन्होंने देखा ही नहीं लौटकर...

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Shivangi

डिस्फ़ोरिया

हम पृथ्वी की शुरुआत से स्त्री हैं सरकारें बदलती रहीं तख़्त पलटते रहे हम स्त्री रहे विचारक आए विचारक गए हम स्त्री रहे सैंकड़ों सावन आए अपने साथ हर दूषित चीज़ बहा...
Aankhein - Sara Shagufta

पहला हर्फ़

पाकिस्तानी शायरा सारा शगुफ़्ता की नज़्मों का पहला संग्रह 'आँखें' उनकी मृत्यु के बाद सन् 1985 में प्रकाशित हुआ था। हाल ही में इसी...
Magnus Grehn

स्वीडिश कवि मैगनस ग्रेन की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा आंधी के बाद सेंट फ़ेगंस जाने की राह में एम 4 पर हमारी गाड़ी दौड़ गई वेल्स के बीचों-बीच सेंट फ़ेगंस की ओर आंधी के बाद...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

गीतांजलि श्री – ‘रेत समाधि’

गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' हाल ही में इस साल के लिए दिए जाने वाले बुकर प्राइज़ के लिए चयनित अन्तिम छः किताबों...
Tom Phillips

टॉम फ़िलिप्स की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा युद्ध के बाद ज़िन्दगी कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलतीं बग़ीचे की झाड़ियाँ हिलाती हैं अपनी दाढ़ियाँ बहस करते दार्शनिकों की तरह जबकि पैशन फ़्रूट की नारंगी मुठ्ठियाँ जा...
Javed Alam Khan

जावेद आलम ख़ान की कविताएँ

तुम देखना चांद तुम देखना चांद एक दिन कविताओं से उठा ज्वार अपने साथ बहा ले जाएगा दुनिया का तमाम बारूद सड़कों पर क़दमताल करते बच्चे हथियारों को दफ़न...
Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
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