Tag: विरोध
ख़िलाफ़त
रूपम मिश्रा की कविता 'ख़िलाफ़त' | 'Khilafat', a poem by Rupam Mishra
हम उसे बुरा नहीं कहेगें साथी!
क्योंकि हमने ही उसे अच्छा कहा था!
वो बारी-बारी...
घास
'Ghaas', Hindi Kavita by Avtar Singh Sandhu 'Pash'
मैं घास हूँ
मैं आपके हर किये-धरे पर उग आऊँगा!
बम फेंक दो चाहे विश्वविद्यालय पर
बना दो होस्टल को...
लिंचिंग
'Lynching', a poem by Anamika Anu
भीड़ से भिन्न था
तो क्या बुरा था
कबीर भी थे
अम्बेडकर भी थे
रवीन्द्रनाथ टैगोर भी थे
गाँधी की भीड़ कभी पैदा होती...
कलिंग कहाँ-कहाँ है?
बहुत दिन बीते कलिंग की कोई सुधबुध नहीं लेता
चक्रवर्ती सम्राट को बिसराए हुए अरसा हुआ
प्रजा लोकल गोयब्ल्स के इर्द-गिर्द जुटती है
उसे इतिहास की तह...
टूटता तिलिस्म
'Tootata Tilism', a poem by Pranjal Rai
संवादों के दौरान अक्सर अधूरे रह जाते हैं कुछ प्रश्न,
कि प्रश्नों का अधूरा रह जाना
कितना ज़रूरी है एक...
कवि
संग्रह 'साहस गाथा' से
जब प्रतिगामी युग-धर्म
घोंटता है वक़्त के उमड़ते बादलों का गला
तब न ख़ून बहता है
न आँसू।
वज्र बनकर गिरती है बिजली
उठता है वर्षा...





