Tag: Earth

Shankaranand

पृथ्वी सोच रही है

ये जो चारों तरफ़ की हवा है भर गई है उन पैरों की धूल से जो इस पृथ्वी पर सबसे अकेले हो गए हैंवे असंख्य लोग हैं जो...
Manjula Bist

संक्रमण-काल

1आज हर देश का शव नितान्त अकेला है हर देश का जीवित-भय एक हैएक है धरती एक है आकाश एक है पानी का रंग एक ही स्वाद है आँसू का एक है...
Earth Woman

पृथ्वी एक चिट्ठी

खुली आँखों से देखे हुए सपने मुझे रात में काटते हैं चिकोटियाँ और गड़ाते हैं दाँत, वे नहीं चाहते कि मैं उन्हें भूलूँ मुझे नहीं पता मैं कब सोयी...
Abstract Painting Black and White

पृथ्वी की नाक और चिट्ठी

'Prithvi Ki Naak Aur Chitthi', a poem by Pratibha Guptaबिस्तर के कोने पर चुपचाप पड़ी देह गर्म हो चली थी, किन्तु आत्मा अब भी ठण्डी थी। कानों में फुसफुसाता...
Prabhat Milind

पृथ्वी पर प्रेम के चुनिंदा दावेदार हैं

'Prithvi Par Prem Ke Chuninda Davedar Hain', a poem by Prabhat Milind 1 मनुष्य को घृणा नहीं, प्रेम मारता है घृणा करते हुए हम चौकन्ने रहते हैंलोग...

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Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

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Javed Alam Khan

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Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
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भाषा सिंह की किताब 'शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट' उस अनूठे आन्दोलन का दस्तावेज़ है जो राजधानी दिल्ली के गुमनाम-से इलाक़े से...
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सहेजने की आनुवांशिकता में

कहीं न पहुँचने की निरर्थकता में हम हमेशा स्वयं को चलते हुए पाते हैं जानते हुए कि चलना एक भ्रम है और कहीं न पहुँचना यथार्थदिशाओं के...
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