Tag: राजनीति

Gopal Prasad Vyas

साँप ही तो हो

साँप, दो-दो जीभें होने पर भी भाषण नहीं देते? आदमी न होकर भी पेट के बल चलते हो यार! हम तुम्हारे फूत्कार से नहीं डरते साँप ही तो हो, भारत के रहनुमा...
Akhilesh

बायोडाटा

"एक ओर तो संतान किसी अदृश्य नली से माँ का खून पी रही थी और दूसरी ओर पिता के हाथ में एक संतरा था, जिसमें बड़ा रस था!"पढ़िए अखिलेश की कहानी 'बायोडाटा', जिसमें राजनीती केवल एक रोजगार है और सम्बन्ध, प्रेम, दुःख.. सभी बायोडाटा में होने वाले कुछ एडिशन्स भर!
Javed Akhtar

ये खेल क्या है

मिरे मुख़ालिफ़ ने चाल चल दी है और अब मेरी चाल के इंतिज़ार में है मगर मैं कब से सफ़ेद-ख़ानों सियाह-ख़ानों में रक्खे काले सफ़ेद मोहरों को देखता हूँ मैं सोचता...
Arrow, Baan, Archery

लक्ष्य-भेद

बोलो बेटे अर्जुन! सामने क्या देखते हो तुम? संसद? सेक्रेटेरिएट? मंत्रालय? या मंच?? अर्जुन बोला तुरन्त गुरुदेव! मुझे सिवा कुर्सी के कुछ भी नज़र नहीं आता!पुलकित गुरु बोले...
Agyeya

जो पुल बनाएँगे

जो पुल बनाएँगे वे अनिवार्यतः पीछे रह जाएँगे। सेनाएँ हो जाएँगी पार मारे जाएँगे रावण जयी होंगे राम, जो निर्माता रहे इतिहास में बन्दर कहलाएँगे! अज्ञेय की कविता 'घृणा का गान' Book by Agyeya:
Suryakant Tripathi Nirala

राजे ने अपनी रखवाली की

राजे ने अपनी रखवाली की क़िला बनाकर रहा बड़ी-बड़ी फ़ौजें रखीं। चापलूस कितने सामन्त आए। मतलब की लकड़ी पकड़े हुए। कितने ब्राह्मण आए पोथियों में जनता को बाँधे हुए। कवियों ने...
Sharad Joshi

जिसके हम मामा हैं

"समस्याओं के घाट पर हम तौलिया लपेटे खड़े हैं।"

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Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

गीतांजलि श्री – ‘रेत समाधि’

गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' हाल ही में इस साल के लिए दिए जाने वाले बुकर प्राइज़ के लिए चयनित अन्तिम छः किताबों...
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Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
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किताब अंश: शाहीन बाग़ – लोकतंत्र की नई करवट

भाषा सिंह की किताब 'शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट' उस अनूठे आन्दोलन का दस्तावेज़ है जो राजधानी दिल्ली के गुमनाम-से इलाक़े से...
Woman with dupatta

सहेजने की आनुवांशिकता में

कहीं न पहुँचने की निरर्थकता में हम हमेशा स्वयं को चलते हुए पाते हैं जानते हुए कि चलना एक भ्रम है और कहीं न पहुँचना यथार्थदिशाओं के...
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