Tag: Politics

Kedarnath Agarwal

धिक्कार है

आँख मूँद जो राज चलावै अंधरसट्ट जो काज चलावै कहे-सुने पर बाज न आवै सब का चूसै—लाज न लावै ऐसे अँधरा को धिक्कार! राम-राम है बारम्बार!! कानों में जो रुई...
Balli Singh Cheema

रोटी माँग रहे लोगों से

रोटी माँग रहे लोगों से किसको ख़तरा होता है? यार सुना है लाठी-चारज, हल्का-हल्का होता है। सिर फोड़ें या टाँगें तोड़ें, ये क़ानून के रखवाले, देख रहे हैं...
Fight, Oppression, Beating

कायरों का गीत

शोर करोगे! मारेंगे बात कहोगे! मारेंगे सच बोलोगे! मारेंगे साथ चलोगे! मारेंगे ये जंगल तानाशाहों का इसमें तुम आवाज़ करोगे? मारेंगे... जो जैसा चलता जाता है, चलने दो दीन-धरम के नाम...
Vidrohi

जन-प्रतिरोध

जब भी किसी ग़रीब आदमी का अपमान करती है ये तुम्हारी दुनिया, तो मेरा जी करता है कि मैं इस दुनिया को उठाकर पटक दूँ! इसका गूदा-गूदा छींट जाए। मज़ाक़ बना...
The Country of the Blind, Face

सामने का वह सब

आप कहते हैं सामने एक पेड़ है चलिए मैं माने लेता हूँ कि सामने एक पेड़ है हालाँकि जो नहीं है आप कहते हैं सामने एक नदी है चलिए मैं माने...
Dinkar

सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है

सदियों की ठण्डी-बुझी राख सुगबुगा उठी मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है, दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती...
Vidrohi

कथा देश की

ढंगों और दंगों के इस महादेश में ढंग के नाम पर दंगे ही रह गए हैं। और दंगों के नाम पर लाल ख़ून, जो जमने पर काला...
Alok Dhanwa

गोली दाग़ो पोस्टर

यह उन्नीस सौ बहत्तर की बीस अप्रैल है या किसी पेशेवर हत्यारे का दायाँ हाथ या किसी जासूस का चमड़े का दस्ताना या किसी हमलावर की दूरबीन...
Sharad Joshi

होता रहता है वही

'पिछले दिनों' से कुछ बातें हैं, जो इस देश में हमेशा होती रहती हैं। जैसे कोई विदेशी सत्ताधारी हवाई जहाज़ से उतरता है और हमारी...
Hungry, Poor

ग़ायब लोग

हम अक्षर थे मिटा दिए गए क्योंकि लोकतांत्रिक दस्तावेज़ विकास की ओर बढ़ने के लिए हमारा बोझ नहीं सह सकते थे हम तब लिखे गए जब जन गण मन लिखा...
Sarveshwar Dayal Saxena

देश काग़ज़ पर बना नक़्शा नहीं होता

यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी हो तो क्या तुम दूसरे कमरे में सो सकते हो? यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में लाशें सड़ रही...
Queue

क्यू में लग जाइए

आइए, क्यू में लग जाइए। बरसों पुरानी बिखराव की स्थितियाँ समेटते हुए चले आइए! क्यू में लग जाइए! आपकी इज़्ज़त और शान के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के लिए हमने...

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Recent Posts

Couple, Silhouette

आख़िरी बार मिलो

आख़िरी बार मिलो ऐसे कि जलते हुए दिल राख हो जाएँ कोई और तक़ाज़ा न करें चाक-ए-वादा न सिले, ज़ख़्म-ए-तमन्ना न खिले साँस हमवार रहे, शमा की लौ...
Yellow Flower, Offering, Sorry, Apology

वहाँ देखने को क्या था

मैं उन इलाक़ों में गया जहाँ मकान चुप थे उनके ख़ालीपन को धूप उजला रही थी हवा शान्त, मन्थर— अपने डैने चोंच से काढ़ने को बेचैन थी लोग जा चुके हैं उन्हें कुछ...
River

नदी

1 घर से निकलकर कभी न लौट पाने का दुःख समझने के लिए तुम्हें होना पड़ेगा एक नदी! 2 नदियों की निरन्तरता को बाँध उनका पड़ाव निर्धारित कर मनुष्य ने देखा है ठहरी हुई नदियों...
Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘उदित हूँ मैं’

माया एंजेलो की कविता 'And Still I Rise' का अनुवाद कड़वे छली मृषा से इतिहास में तुम्हारे तुम्हारी लेखनी से मैं न्यूनतम दिखूँगी धूल-धूसरित भी कर सकते...
Sandeep Nirbhay

मुसलमानों की गली

आज वह शहर की उस गली में गया जहाँ जाने से लोग अक्सर कतराते हैं पान की गुमटी में बैठी एक बुढ़िया पढ़ रही है उर्दू की...
Farmers

मेरे पुरखे किसान थे

मेरे पुरखे किसान थे मैं किसान नहीं हूँ मेरी देह से खेत की मिट्टी की कोई आदिम गन्ध नहीं आती पर मेरे मन के किसी पवित्र स्थान पर सभी पुरखे जड़...
Anurag Anant

तुम्हारे कंधे से उगेगा सूरज

तुम्हारी आँखें मखमल में लपेटकर रखे गए शालिग्राम की मूरत हैं और मेरी दृष्टि शोरूम के बाहर खड़े खिलौना निहारते किसी ग़रीब बच्चे की मजबूरी मैंने जब-जब तुम्हें देखा ईश्वर अपने अन्याय...
Two Indian Women standing

बहनें

कोयला हो चुकी हैं हम बहनों ने कहा रेत में धँसते हुए ढक दो अब हमें चाहे हम रुकती हैं यहाँ तुम जाओ बहनें दिन को...
Jaun Elia

समझ में ज़िन्दगी आए कहाँ से

समझ में ज़िन्दगी आए कहाँ से पढ़ी है ये इबारत दरमियाँ से यहाँ जो है तनफ़्फ़ुस ही में गुम है परिंदे उड़ रहे हैं शाख़-ए-जाँ से मकान-ओ-लामकाँ के...
Abstract, Head, Human

मेरी आवाज़, भेद का भाव

मेरी आवाज़ बचपन से कोशिश जारी है पर अब तक पहाड़ के पार मेरी आवाज़ नहीं जाती पहले गूँजती थी और लम्बी यात्रा कर टकराकर लौट आती थी पहाड़ के इस...
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