Tag: राजनीति

Vidrohi

कथा देश की

ढंगों और दंगों के इस महादेश में ढंग के नाम पर दंगे ही रह गए हैं। और दंगों के नाम पर लाल ख़ून, जो जमने पर काला...
Alok Dhanwa

गोली दाग़ो पोस्टर

यह उन्नीस सौ बहत्तर की बीस अप्रैल है या किसी पेशेवर हत्यारे का दायाँ हाथ या किसी जासूस का चमड़े का दस्ताना या किसी हमलावर की दूरबीन...
Sharad Joshi

होता रहता है वही

'पिछले दिनों' से कुछ बातें हैं, जो इस देश में हमेशा होती रहती हैं। जैसे कोई विदेशी सत्ताधारी हवाई जहाज़ से उतरता है और हमारी...
Hungry, Poor

ग़ायब लोग

हम अक्षर थे मिटा दिए गए क्योंकि लोकतांत्रिक दस्तावेज़ विकास की ओर बढ़ने के लिए हमारा बोझ नहीं सह सकते थे हम तब लिखे गए जब जन गण मन लिखा...
Sarveshwar Dayal Saxena

देश काग़ज़ पर बना नक़्शा नहीं होता

यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी हो तो क्या तुम दूसरे कमरे में सो सकते हो? यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में लाशें सड़ रही...
Queue

क्यू में लग जाइए

आइए, क्यू में लग जाइए। बरसों पुरानी बिखराव की स्थितियाँ समेटते हुए चले आइए! क्यू में लग जाइए! आपकी इज़्ज़त और शान के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के लिए हमने...
Kumar Vikal

ख़तरा

जब तब अख़बारों में क़ीमतों के और बढ़ने की ख़बर आती है और घर के छोटे-छोटे ख़र्चों को लेकर मेरी पत्नी और मेरे दरम्यान गृह-युद्ध शुरू हो जाता...
Pankaj Singh

मत कहना चेतावनी नहीं दी गई थी

आपसी सद्भाव से समाज में शान्ति रहती है शान्ति में ही सम्भव है प्रगति और विकास ये अच्छे विचार हैं कुछ लोगों के लिए फ़ायदेमन्द एक रेशेदार जीभ...
Adam Gondvi

तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है

तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है मगर ये आँकड़ें झूठे हैं, ये दावा किताबी है उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो इधर...
Raghuvir Sahay

स्वाधीन व्यक्ति

इस अन्धेरे में कभी-कभी दीख जाती है किसी की कविता चौंध में दिखता है एक और कोई कवि हम तीन कम-से-कम हैं, साथ हैं। आज हम बात कम, काम...
Gorakh Pandey

अधिनायक वंदना

जन गण मन अधिनायक जय हे! जय हे हरित क्रान्ति निर्माता जय गेहूँ हथियार प्रदाता जय हे भारत भाग्य विधाता अंग्रेज़ी के गायक जय हे! जन गण मन अधिनायक जय...
Adarsh Bhushan

कौन स्तब्ध है?

स्तब्धता एक बेजोड़ निकास है— सदियों से मुलाक़ातों, हादसों और प्रव्रजनों को देखते हुए हम स्तब्ध खड़े हैं नदियाँ देखकर बाँध स्तब्ध खड़े हैं गाड़ियाँ देखकर पुल तुम्हें देखकर...
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