Tag: Silence

मेरा मौन, तुम्हारा गुस्सा

आज उसने फिर मुझसे बात करने की कोशिश की- "कोई कहानी? कोई कविता? कभी कुछ भी तो नहीं होता तुम्हारे पास, मुझे कहने को!" फिर वो झल्लाई, खूब...
Nishant

कविता में मौन

मैंने लिखे खण्डर बनते क़िले, युद्ध का यलग़ार, तलवारों की चमक, सभ्यताओं के विनाश के बारे में लिखा, और रात के सन्नाटे में सुनाई दी एक टिटहरी की चीख़ परमाणु बम की विभीषिकाओं और जलते...
Clock, Watch, Time, Dark

रात का अपनापन

जब सब कुछ चुप हो, निःशब्द तब का शोर सबसे तीव्र होता है। बारिश की आखिरी बूँद का धीरे से भी ज़मीन पर पैर रखना सुनाई दे...
Bulb, Light, Circle

कल रात

देखता था स्वप्न जिसको सिरहाने सजाकर ढाप लेता था जिसे चादर बनाकर हर जो लेती थी थकावट मास भर की बन जो जाती थी नियति उस पहर...

उदासीन गीत

मैंने एक उदासीन गीत लिखना चाहा है, तुम पढ़ोगे? तुम कहोगे, "गीत तो अनुराग भरा भी लिख सकती थी तुम...", तो मैं कहूंगी, "हाँ लिख तो...
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