Tag: Urdu Shayari

Ameer Minai

पहले तो मुझे कहा निकालो

पहले तो मुझे कहा निकालो फिर बोले ग़रीब है बुला लो बे-दिल रखने से फ़ाएदा क्या तुम जान से मुझ को मार डालो उस ने भी तो देखी...
Altaf Hussain Hali

वाँ अगर जाएँ तो ले कर जाएँ क्या

वाँ अगर जाएँ तो ले कर जाएँ क्या मुँह उसे हम जा के ये दिखलाएँ क्या दिल में है बाक़ी वही हिर्स-ए-गुनाह फिर किए से अपने हम...
Hafeez Merathi

चाहे तन मन सब जल जाए

चाहे तन मन सब जल जाए सोज़-ए-दरूँ पर आँच न आए शीशा टूटे ग़ुल मच जाए दिल टूटे आवाज़ न आए बहर-ए-मोहब्बत तौबा! तौबा! तैरा जाए न डूबा जाए ऐ...
Nazeer Akbarabadi

दिल को लेकर हमसे अब जाँ भी तलब करते हैं आप

'Dil Ko Lekar Humse', by Nazeer Akbarabadi दिल को लेकर हमसे अब जाँ भी तलब करते हैं आप लीजिए हाज़िर है पर ये तो ग़ज़ब करते...
Qateel Shifai

मैंने पूछा पहला पत्थर मुझ पर कौन उठाएगा

'Maine Poochha Pehla Patthar Mujh Par Kaun Uthaaega', a ghazal by Qateel Shifai मैंने पूछा पहला पत्थर मुझ पर कौन उठाएगा आई इक आवाज़ कि तू...
Ameer Minai

सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता

सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता निकलता आ रहा है आफ़्ताब आहिस्ता आहिस्ता जवाँ होने लगे जब वो तो हमसे कर लिया पर्दा हया यकलख़्त...
Dagh Dehlvi

ये बात बात में क्या नाज़ुकी निकलती है

ये बात-बात में क्या नाज़ुकी निकलती है दबी-दबी तिरे लब से हँसी निकलती है ठहर-ठहर के जला दिल को, एक बार न फूँक कि इसमें बू-ए-मोहब्बत अभी...
Majaz Lakhnavi

एक दोस्त की ख़ुश-मज़ाक़ी पर

"क्या तिरी नज़रों में ये रंगीनियाँ भाती नहीं क्या हवा-ए-सर्द तेरे दिल को तड़पाती नहीं क्या नहीं होती तुझे महसूस मुझ को सच बता तेज़ झोंकों में हवा के गुनगुनाने की सदा..."
Bekhud Dehlvi

उठे तिरी महफ़िल से तो किस काम के उठ्ठे

उठे तिरी महफ़िल से तो किस काम के उठ्ठे दिल थाम के बैठे थे, जिगर थाम के उठ्ठे दम भर मिरे पहलू में उन्हें चैन कहाँ...

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Shivangi

डिस्फ़ोरिया

हम पृथ्वी की शुरुआत से स्त्री हैं सरकारें बदलती रहीं तख़्त पलटते रहे हम स्त्री रहे विचारक आए विचारक गए हम स्त्री रहे सैंकड़ों सावन आए अपने साथ हर दूषित चीज़ बहा...
Aankhein - Sara Shagufta

पहला हर्फ़

पाकिस्तानी शायरा सारा शगुफ़्ता की नज़्मों का पहला संग्रह 'आँखें' उनकी मृत्यु के बाद सन् 1985 में प्रकाशित हुआ था। हाल ही में इसी...
Magnus Grehn

स्वीडिश कवि मैगनस ग्रेन की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा आंधी के बाद सेंट फ़ेगंस जाने की राह में एम 4 पर हमारी गाड़ी दौड़ गई वेल्स के बीचों-बीच सेंट फ़ेगंस की ओर आंधी के बाद...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

गीतांजलि श्री – ‘रेत समाधि’

गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' हाल ही में इस साल के लिए दिए जाने वाले बुकर प्राइज़ के लिए चयनित अन्तिम छः किताबों...
Tom Phillips

टॉम फ़िलिप्स की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा युद्ध के बाद ज़िन्दगी कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलतीं बग़ीचे की झाड़ियाँ हिलाती हैं अपनी दाढ़ियाँ बहस करते दार्शनिकों की तरह जबकि पैशन फ़्रूट की नारंगी मुठ्ठियाँ जा...
Javed Alam Khan

जावेद आलम ख़ान की कविताएँ

तुम देखना चांद तुम देखना चांद एक दिन कविताओं से उठा ज्वार अपने साथ बहा ले जाएगा दुनिया का तमाम बारूद सड़कों पर क़दमताल करते बच्चे हथियारों को दफ़न...
Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
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