Tag: Women Empowerment

Woman, Painted Face, Angry

बातचीत: ‘मिसॉजिनि क्या है?’

पढ़िए तसनीफ़ और शिवा की मिसॉजिनि (Misogyny (शाब्दिक अर्थ: स्त्री द्वेष)) पर एक विस्तृत बातचीत। तसनीफ़ उर्दू शायरी करते रहे हैं, उन्होंने एक नॉविल...
Woman, Window, Bus, Train

मैं मार दी जाऊँगी

मेरी आग बरसाती आँखें कसती भिंचभिंचाती मुठ्ठियाँ कँपकँपाते-फरफराते होंठ थरथराता-क्रोधित शरीर जवाब दे बैठता है, जब खण्डहरों में चीख़ते हैं मासूम आहत परिन्दे सियासियों, सत्ताधारियों की इमारतों में क़ैद बिलखती-तड़पती हैं भुखमरी, बेचारगी, लाचारी...
Malti Joshi

सन्नाटा

"पत्नी की गौरव-गाथा निस्पृह भाव से सुनने की सामर्थ्य उनमें कहाँ है। तभी न बुखार हो आया है।"
premchand

सुभागी

"बाबूजी का काम तो धूम-धाम से ही होगा अम्माँ, चाहे घर रहे या जाय। बाबूजी फिर थोड़े ही आवेंगे। मैं भैया को दिखा देना चाहती हूँ कि अबला क्या कर सकती है। वह समझते होंगे इन दोनों के किये कुछ न होगा। उनका यह घमंड तोड़ दूँगी।"
Girl Power, Girl, No

सुनो लड़की

सुनो लड़की! शक्लें छिपाए और आँखें गड़ाए हुए गिद्ध जैसे निशाना साधे बैठे हैं कई लोग यहाँ। तुम छुपना मत आँखें नीची मत करना, दुपट्टा कहीं खिसका तो नहीं, इसकी भी परवाह...
Woman

अँधेरे से उजाले की ओर

मुँह अँधेरे उठकर घर के काम निपटा कर विद्यालय जाती बच्चियाँ विद्यालय जिसके दरवाज़े पर लिखा है 'अँधेरे से उजाले की ओर' घर से पिट कर आई शिक्षिका सूजे हुए...
Woman Abstract

स्त्री

अपने ही मर्द द्वारा बनाया गया पत्थर उसे अपने ही मर्द ने छोड़ दिया जानवरों के बीच वन में किया गया उसे अपने ही मर्द के सम्मुख नग्न देखा गया अपने...
Trilochan

चम्पा काले-काले अक्षर नहीं चीन्हती

चम्पा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती मैं जब पढ़ने लगता हूँ, वह आ जाती है खड़ी-खड़ी चुपचाप सुना करती है उसे बड़ा अचरज होता है: इन काले चिन्हों से...
Mahadevi Verma

स्त्री: दान ही नहीं, आदान भी

"जब तक स्त्री के सामने ऐसी समस्या नहीं आती, जिसमें उसे बिना कोई विशेष मार्ग स्वीकार किए जीवन असंभव दिखाई देने लगता है, तब तक वह अपनी मनुष्यता को जीवन की सबसे बहुमूल्य वस्तु के समान ही सुरक्षित रखती है। यही कारण है कि वह क्रूर-से-क्रूर, पतित-से-पतित पुरुष की मलिन छाया में भी अपने जीवन का गौरव पालती रहती है।"

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'अभी जिया नहीं' से विदा का शब्दों से निकलकर जब स्मृतियों में अस्तित्व हो जाता है दूर होना किसी किताब का बेमानी शब्द-सा रह जाता है किसी का...
Malala Yousafzai

संयुक्त राष्ट्र में दिया मलाला का भाषण

'मलाला हूँ मैं' से संयुक्त राष्ट्र ने जुलाई 12 का दिन ‘मलाला दिवस’ घोषित किया है। 12 जुलाई, 2013 को अपने 16वें जन्मदिवस पर मलाला...
Viren Dangwal

इतने भले नहीं बन जाना

इतने भले नहीं बन जाना साथी जितने भले हुआ करते हैं सरकस के हाथी गदहा बनने में लगा दी अपनी सारी क़ुव्वत, सारी प्रतिभा किसी से कुछ लिया...
Dharmasthal - Priyamvad

प्रियम्वद – ‘धर्मस्थल’

प्रियम्वद की किताब 'धर्मस्थल' से उद्धरण | Hindi Quotes by 'Dharmasthal', a book by Priyamvad संकलन: विजय शर्मा   "रचना के संसार में जब तुम कुछ नया...
Bhagat Singh

युवक!

आचार्य शिवपूजन सहाय की डायरी के अंश, 23 मार्च, पृष्ठ 28 सन्ध्या समय सम्मेलन भवन के रंगमंच पर देशभक्त भगत सिंह की स्मृति में सभा...
Rajni Tilak

मीठी अनुभूतियों को

हमने मधुर स्मृतियों और मीठी अनुभूतियों को इन कठोर हाथों से, तुम्हारे लिए हृदय से खींच बिखेरा है हमारे लहू के एक-एक क़तरे ने तुम्हारे खेत की बंजर भूमि...
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घोष बाबू और उनकी माँ

"हम यहाँ से निकलकर कहाँ जाएँगे?" — शिल्पा ने अनिमेष के कंधे पर सिर रक्खे कहा। "जहाँ क़िस्मत ले जाए!" — अनिमेष की आवाज़ में...
Ahmad Faraz

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें साक़िया साक़िया सम्भाल हमें रो रहे हैं कि एक आदत है वर्ना इतना नहीं मलाल हमें ख़ल्वती हैं तेरे जमाल के हम आइने...
Ghumakkad Shastra

राहुल सांकृत्यायन – ‘घुमक्कड़ शास्त्र’

राहुल सांकृत्यायन की किताब 'घुमक्कड़ शास्त्र' से उद्धरण | Quotes from Ghumakkad Shastra, a book by Rahul Sankrityayan चयन: पुनीत कुसुम "वैसे तो गीता को बहुत...
Rahul Sankrityayan

स्‍मृतियाँ

घुमक्कड़ असंग और निर्लेप रहता है, यद्यपि मानव के प्रति उसके हृदय में अपार स्‍नेह है। यही अपार स्‍नेह उसके हृदय में अनंत प्रकार...
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