अमीर ख़ुसरो

अमीर ख़ुसरो
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अबुल हसन यमीनुद्दीन अमीर ख़ुसरो (1253-1325) चौदहवीं सदी के लगभग दिल्ली के निकट रहने वाले एक प्रमुख कवि शायर, गायक और संगीतकार थे। उनका परिवार कई पीढ़ियों से राजदरबार से सम्बंधित थाI स्वयं अमीर खुसरो ने आठ सुल्तानों का शासन देखा थाI अमीर खुसरो प्रथम मुस्लिम कवि थे जिन्होंने हिंदी शब्दों का खुलकर प्रयोग किया हैI वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने हिंदी, हिन्दवी और फारसी में एक साथ लिखाI

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Saadat Hasan Manto

वह लड़की

सवा चार बज चुके थे लेकिन धूप में वही तमाज़त थी जो दोपहर को बारह बजे के क़रीब थी। उसने बालकनी में आकर बाहर...
Earth Woman

प्रेम का अबेकस (दूसरा भाग)

1 प्रेम से क्रोध तक आग से आश्रय तक विश्वास करने के विपरीत क्या है? उसके लायक़ भी कुछ नही जैसे चाँदी की एक शानदार सुई चमकती है सफ़ेद परिधि में प्रेम...

चट्टान को तोड़ो, वह सुन्दर हो जाएगी

चट्टान को तोड़ो वह सुन्दर हो जाएगी उसे तोड़ो वह और, और सुन्दर होती जाएगी अब उसे उठा लो रख लो कन्धे पर ले जाओ शहर या क़स्बे में डाल दो...
Faiz Ahmad Faiz

इन्तिसाब

आज के नाम और आज के ग़म के नाम आज का ग़म कि है ज़िन्दगी के भरे गुलसिताँ से ख़फ़ा ज़र्द पत्तों का बन ज़र्द पत्तों का बन जो मिरा...
Gopal Singh Nepali

प्रार्थना बनी रहीं

रोटियाँ ग़रीब की, प्रार्थना बनी रहीं! एक ही तो प्रश्न है रोटियों की पीर का पर उसे भी आसरा आँसुओं के नीर का राज है ग़रीब का,...
Mahadevi Verma

जाग तुझको दूर जाना

चिर सजग आँखें उनींदी, आज कैसा व्यस्त बाना! जाग तुझको दूर जाना! अचल हिमगिरि के हृदय में आज चाहे कम्प हो ले या प्रलय के आँसुओं में मौन...
Zafar Iqbal

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा वो ख़ुद ही एक दिन इस दाएरे से गुज़रेगा भरी रहे अभी आँखों में उसके नाम की नींद वो...
Vinod Kumar Shukla

बोलने में कम से कम बोलूँ

बोलने में कम से कम बोलूँ कभी बोलूँ, अधिकतम न बोलूँ इतना कम कि किसी दिन एक बात बार-बार बोलूँ जैसे कोयल की बार-बार की कूक फिर चुप। मेरे अधिकतम...
Krishan Chander

दो फ़र्लांग लम्बी सड़क

Do Farlaang Lambi Sadak, a story by Krishan Chander कचहरियों से लेकर लॉ कॉलेज तक बस यही कोई दो फ़र्लांग लम्बी सड़क होगी। हर रोज़...
Ishrat Afreen

टारगेट किलिंग

चूड़ी वाले के यहाँ मैं अभी स्टूल पर बैठी ही थी साथ की दुकान के आगे इक स्कूटर रुका गोली चली सब ने फ़क़ चेहरों के साथ मुड़के देखा एक लम्हे...
Sandeep Nirbhay

जिस दिशा में मेरा भोला गाँव है

क्या बारिश के दिनों धोरों पर गड्डमड्ड होते हैं बच्चे क्या औरतों के ओढ़नों से झाँकता है गाँव क्या बुज़ुर्गों की आँखों में बचा है काजल क्या स्लेट...
Abraham Lincoln, Mary Owens

अब्राहिम लिंकन का पत्र मेरी ऑवेंस के नाम

यह पत्र लिंकन ने राष्ट्रपति बनने से बहुत पूर्व अपनी युवावस्था में लिखा था। स्प्रिंग-फ़ील्ड, 7 मई, 1837 मित्र मेरी, प्रस्तुत पत्र से पहले मैंने दो चिट्ठियाँ लिखनी आरम्भ...
Malkhan Singh

मैं आदमी नहीं हूँ

1 मैं आदमी नहीं हूँ स्साब जानवर हूँ दोपाया जानवर जिसे बात-बात पर मनुपुत्र—माँ चो, बहन चो, कमीन क़ौम कहता है। पूरा दिन बैल की तरह जोतता है मुट्ठी-भर सत्तू मजूरी में देता है। मुँह...
Mahatma Gandhi - Dr Bhimrao Ambedkar

मेरे समकालीन: डॉ० भीमराव अम्बेडकर

डॉ० अम्बेडकर के प्रति और अछूतों का उद्धार करने की उनकी इच्छा के प्रति मेरा सद्भाव और उनकी होशियारी के प्रति आदर होने के...
Sunshine Painting Horizon

एक उमड़ता सैलाब

हममें ही डूबा है वह क्षितिज जहाँ से उदित होता है सबका आकाश फेंकता ऊषाएँ ऋतुएँ, वर्ष, संवत्सर उछालता व्यर्थ है प्रतीक्षा उन अश्वों के टापों की जो दो गहरे लम्बे सन्नाटों के...
Rajkamal Chaudhary

अनायास

फिर भी कभी चला जाऊँगा उसी दरवाज़े तक अनायास जैसे, उस अँधियारे गलियारे में कोई अब तक रहता हो। फिर भी, दीवार की कील पर अटका...
Rajkamal Chaudhary

नींद में भटकता हुआ आदमी

नींद की एकान्त सड़कों पर भागते हुए आवारा सपने सेकेण्ड शो से लौटती हुई बीमार टैक्सियाँ भोथरी छुरी जैसी चीख़ें बेहोश औरत की ठहरी हुई आँखों की...
bhisham sahni

फ़ैसला

उन दिनों हीरालाल और मैं अक्सर शाम को घूमने जाया करते थे। शहर की गलियाँ लाँघकर हम शहर के बाहर खेतों की ओर निकल...
Farmer, Field, Village

मचलें पाँव

मचलें पाँव कह रहे मन से आ चलें गाँव।   कहता मन गाँव रहे न गाँव केवल भ्रम।   ली करवट शहरीकरण ने गाँव लापता।   मेले न ठेले न ख़ुशियों के रेले गर्म हवाएँ।   वृक्ष न छाँव नंगी पगडंडियाँ जलाएँ...
Hazari Prasad Dwivedi

आपने मेरी रचना पढ़ी?

हमारे साहित्यिकों की भारी विशेषता यह है कि जिसे देखो वहीं गम्भीर बना है, गम्भीर तत्ववाद पर बहस कर रहा है और जो कुछ...
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