मुझसे मत तुम पूछना
मैं कौन हूँ
हाँ सलाम दुआ
करते रहो
सबसे मिलो
हँस के मिलो
पर ये मत सोचना
इन कुछ दिनों के बाद
जब निकलने का यहाँ से वक़्त
होगा, क्या बनेगी।
इसपर कभी मत
मुतावज्जे होना
क्या यही वो ज़िन्दगी थी
जिसके लिए
थे बनाए गए..

Previous articleसच सरकार का
Next articleमेरा देश और उसकी चिंताएं
शानुल्लाह खान
Medical student at jnmc, Aligarh Muslim University.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here