फ़ेयर एण्ड लवली की सालाना बिक्री है आठ हज़ार करोड़
कविता की किताब छपती है मात्र तीन सौ

फ़ेयर एण्ड लवली = गोरा रंग
गोरा रंग = सुंदर दिखना
सुंदर दिखना = स्त्री होना

स्त्री जो कविता लिखती है
स्त्री जो कविता पढ़ती है
इस फ़ॉर्मूले से बाहर होती है

कविता
जुटी रहती है चींटी-सी
समाज की संरचना को बदलने के लिए,
फ़ेयर एण्ड लवली
अँगूठा दिखाती है उस श्रम को!

सुधा अरोड़ा की कविता 'भरवाँ भिंडी और करेले'

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