आसमाँ का पट कहाँ है
पट कहाँ है चाँद का
पट में छुप के बादलों के
एक सूरज ताकता
झाँके बुलबुल
पेड़ से छिप
कोपलों की आड़ ले
और मैं झाँकूँ
दूसरों में
बस के अपनी
आँख में!

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सहज अज़ीज़
नज़्मों, अफ़सानों, फ़िल्मों में सच को तलाशता बशर। कला से मुहब्बत करने वाला एक छोटा सा कलाकार।

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