‘लोकप्रिय आदिवासी कविताएँ’ से 

मूल अंग्रेज़ी ‘स्टोन-पीपुल’ का हिन्दी अनुवाद
अनुवाद: अश्विनी कुमार पंकज

पहाड़ के बच्चे
काव्यात्मक और राजनीतिक
बर्बर और लयात्मक
पानी के खोजकर्ता
और आग के योद्धा

पहाड़ के बच्चे
एक बहुभाषी दुनिया
जो जानकार हैं
पक्षियों की भाषा के
और जानते हैं पशुओं का विमर्श
एक ऐसे छात्र
जिन्होंने चींटियों से सीखी है
नक़्क़ाशी की कला
जिनके मुकुट हैं
युद्धों में जीते गए
दुश्मनों के सिर

पहाड़ के बच्चे
उन्मत्त प्रेमी
जो विश्वास करते हैं
सूरज भी उदास होता है
चाँद को भी छुपाया जा सकता है
और सितारे सिर्फ़ सितारे नहीं हैं
वे सब पुरखा आत्माएँ हैं
जो निःशब्द दिलों से देख रहे हैं
हम सब में अपनी चमकती हुई आभाएँ

पहाड़ के बच्चे
रचने गढ़नेवाले शिल्पकार
उपजानेवाले किसान
शिकारी और कलाकार
गायक और दार्शनिक
उदात्त प्रेमी और अगुआ जंगली
गृह-निर्माता और नगरों के विध्वंसक

पहाड़ के बच्चे
अदेखे अज्ञात आत्माओं के उपासक
पेड़ों और जंगलों के,
पहाड़ों और नदियों के,
प्रकृति के विविध रूपों की आत्माओं के विश्वासी
जिनके डेरे यहाँ हैं
जो यहाँ आते-जाते रहते हैं
और जो सदियों से यात्रा पर हैं
नदियों की धार से भी आगे-आगे

पहाड़ के बच्चे
आदिम और मनीषी
जो फैले हुए हैं लैंगतेरोक और इसके बाहर भी
क्या वे पहाड़ी चट्टानों के टूटने से
वयस्क ही जन्मे थे?
या कि वे अभी भी कर रहे हैं इंतज़ार
वयस्क होने का?

रामदयाल मुण्डा की कविताएँ

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तेमसुला आओ
सुपरिचित कवयित्री, कथाकार और वाचिक संग्रहकर्ता (एथनोग्राफ़र)

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