नेपथ्य से संगीत

कान में बाँसुरी की तरह
बजती रही तुम्हारी पुकार

शुक्र नेपथ्य में छूट गया था कहीं
रण कर्कश दुंदुभी के शोर के बीच
मैं सिर पर शौर्य पताका ताने
सूर्य-सा चमकता खड़ा था
मृत्यु के अँधेरे कोलाहल में

इस विभीषिका में
बाँसुरी के संगीत की रौ में
आँखें मूँद बह जाने का अर्थ होता—
तीर का गले को बींधते चले जाना

बाँस की धुन पर
थिरकती रही तलवार!

युद्ध में हूँ

जीवट की यह बेला है
हर योद्धा युद्ध में अकेला है
सुदूर कहीं, गिरी-कंदराओं में
दिव्यदीप की खोज में हूँ
खिंची धनुष की प्रत्यंचा पर
नये नुकीले तीर में हूँ
पूर्वजों से चली आयी
धारदार शमशीर में हूँ

तुम गा रही हो विरह के गीत
युद्ध और विरह के असमंजस से जूझता
विरह में भस्मीभूत मैं युद्ध में हूँ

मंथन

समुद्रों के रहस्य-सी
गुम हुईं तुम

समुद्र खोज
तुम्हें ले आने के
मंथन में
मेरे हिस्से आया विष
भटकना शापग्रस्त
नारद की तरह
अश्वत्थामा की तरह
रहना निरंतर अधमरा

अब मैं वैतरणी तरना चाहता हूँ
मैं अपने भीतर मथना चाहता हूँ!

सुगबुगाहट

लड़की की दिनचर्या में
शामिल है,
दिन में एक बार
हँसकर
पागल कहना लड़के को

है सुगबुगाहट
नये नवेले प्रेम की!

अंतिम

कोई नहीं लिखेगा
अब तुम्हारे लिए कविताएँ

यदि यह कविता है
तो है, अंतिम
जिसे तुम नहीं पढ़ पाओगी!

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देवेश पथ सारिया
प्राथमिक तौर पर कवि। गद्य लेखन में भी सक्रियता।पुस्तकें: 1. 'नूह की नाव' : प्रथम कविता संग्रह साहित्य अकादमी दिल्ली से शीघ्र प्रकाश्य। 2. 'हक़ीक़त के बीच दरार' (2021): वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग के कविता संग्रह का मेरे द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद) । 3. ताइवान प्रवास के अनुभवों पर आधारित गद्य की पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य।अन्य भाषाओं में प्रकाशन: मेरी कविताओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, मंदारिन चायनीज़, रूसी, स्पेनिश, पंजाबी, बांग्ला और राजस्थानी भाषा-बोलियों में हो चुका है। मेरी रचनाओं के ये अनुवाद लिबर्टी टाइम्स, लिटरेरी ताइवान, ली पोएट्री, यूनाइटेड डेली न्यूज़, बाँग्ला कोबिता, प्रतिमान और कथेसर पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन: हंस, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कथादेश, कथाक्रम, परिकथा, पाखी, अकार, आजकल, बनास जन, मधुमती, अहा! ज़िन्दगी, कादंबिनी, समयांतर, समावर्तन, बया, उद्भावना, जनपथ, नया पथ, कथा, साखी, आधारशिला, दोआबा, बहुमत, परिंदे, प्रगतिशील वसुधा, शुक्रवार साहित्यिक वार्षिकी, कविता बिहान, साहित्य अमृत, शिवना साहित्यिकी, गाँव के लोग, कृति ओर, ककसाड़, अक्षर पर्व, निकट, मंतव्य, गगनांचल, मुक्तांचल, उदिता, उम्मीद, विश्वगाथा, रेतपथ, अनुगूँज, प्राची, कला समय, प्रेरणा अंशु, पुष्पगंधा आदि ।वेब प्रकाशन: सदानीरा, जानकीपुल, पोषम पा, लल्लनटॉप, हिन्दीनेस्ट, हिंदवी, कविता कोश, इंद्रधनुष, अनुनाद, बिजूका, पहली बार, समकालीन जनमत, मीमांसा, शब्दांकन, अविसद, कारवां, हमारा मोर्चा, साहित्यिकी, द साहित्यग्राम, लिटरेचर पॉइंट, अथाई, हिन्दीनामा।समाचार पत्रों में प्रकाशन: राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, प्रभात ख़बर, दि सन्डे पोस्ट।सम्मान: प्रभाकर प्रकाशन, दिल्ली द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (2021) ।संप्रति: ताइवान में पोस्ट डाॅक्टरल शोधार्थी। मूल रूप से राजस्थान के राजगढ़ (अलवर) से संबंध।

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