हर एक युवा के गले मे देखो, आरक्षण का फंदा है,
इसे राजनीति का मुद्दा बनाना, इन नेताओ का धंधा है,
कभी मिला ये जात को तो, कभी पाने वाला मराठा बन्दा है,
विदेशो से ना जाने कितना आता रोज़गार वास्ते चंदा है

पहुँच न पाता सही हाथों में, ये सिस्टम इतना गंदा है,
रोज़गार मिलेगा एक दिन तो, ये सपना हर दिल में कही ज़िंदा है ,
पर सूली पे चढ़े वो सपने हैं, क्योंकि कानून हमारा अंधा है,

कानून हमारा अंधा है।

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