तुम मेरे हिस्से में किसी कहानी के उदास प्रेमी के किरदार की तरह रहे
जिसका प्रेम कभी दिखा ही नहीं
दिखी तो बस कर्मठता पूरी निष्ठा के साथ
रोमांचित मन तुम्हें
पल-पल चाहता ही गया
तुम कभी सोख ही नहीं पाए
इस चाहत को

तुम अक्सर काग़ज़ों पर मेरे प्रेमी बने हो
कविताएँ हमारी प्रेमगीत
और
पालने में डोल रहे किसी बच्चे की मुस्कुराहट हमारा रासनृत्य
काग़ज़,
कविताएँ
और
मुस्कुराहट
तीनों किसी का चित्त मोहने के लिए पर्याप्त हैं
फिर ये तुम्हारी हिचकिचाहट क्यों?
आओ चलो मिलकर रचेंगें
एक नया अध्याय
तुम्हारे और मेरे प्रेम का!

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