मैं उतना खाली हूँ
जितना तुम भरी हो

मैं उसी अंतराल के बीच खड़ा हूँ
जहाँ तुमने देखा ही नहीं

तुम आओगी
इसलिए आओगी
जैसे कि दो खाली बेंच
सिर्फ हमारे इंतज़ार में रखी गयी हैं

तुम जाओगी
उसी तरह जाओगी
जैसे कि टूटा हुआ तारा

प्रेम में कोई अकेला होकर भी
एकांत नहीं पा सकता
याद में कोई बात होकर भी
बात नहीं कर सकता!

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