आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझमें

आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझमें और फिर मानना पड़ता है ख़ुदा है मुझमें अब तो ले दे के वही शख़्स बचा है...

चाँद तन्हा है, आसमाँ तन्हा

चाँद तन्हा है आसमाँ तन्हा दिल मिला है कहाँ-कहाँ तन्हा बुझ गई आस, छुप गया तारा थरथराता रहा धुआँ तन्हा ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं जिस्म तन्हा है...

ले चला जान मेरी

ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा अपने दिल को भी बताऊँ न ठिकाना तेरा सब ने...

नहीं ये फ़िक्र कोई रहबर-ए-कामिल नहीं मिलता

नहीं ये फ़िक्र कोई रहबर-ए-कामिल नहीं मिलता कोई दुनिया में मानूस-ए-मिज़ाज-ए-दिल नहीं मिलता कभी साहिल पे रहकर शौक़ तूफ़ानों से टकराएँ कभी तूफ़ाँ में रहकर फ़िक्र है...

कौन कहता है कि मौत आयी तो मर जाऊँगा

कौन कहता है कि मौत आयी तो मर जाऊँगा मैं तो दरिया हूँ, समुंदर में उतर जाऊँगा तेरा दर छोड़ के मैं और किधर जाऊँगा घर में...

अपनी धुन में रहता हूँ

अपनी धुन में रहता हूँ मैं भी तेरे जैसा हूँ ओ पिछली रुत के साथी अबके बरस मैं तन्हा हूँ तेरी गली में सारा दिन दुःख के कंकर चुनता...

तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है

तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है तेरे आगे चाँद पुराना लगता है तिरछे-तिरछे तीर नज़र के लगते हैं सीधा-सीधा दिल पे निशाना लगता है आग का क्या है,...

दुनिया में हूँ, दुनिया का तलबगार नहीं हूँ

दुनिया में हूँ, दुनिया का तलबगार नहीं हूँ बाज़ार से गुज़रा हूँ, ख़रीदार नहीं हूँ ज़िंदा हूँ मगर ज़ीस्त की लज़्ज़त नहीं बाक़ी हर-चंद कि हूँ होश...

परेशाँ रात सारी है

परेशाँ रात सारी है, सितारो तुम तो सो जाओ सुकूत-ए-मर्ग तारी है, सितारो तुम तो सो जाओ हँसो और हँसते-हँसते डूबते जाओ ख़लाओं में हमीं पे रात...

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर

जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम-ए-जाँ बनता गया सोज़-ए-जानाँ दिल में सोज़-ए-दीगराँ बनता गया रफ़्ता रफ़्ता मुंक़लिब होती गई रस्म-ए-चमन धीरे धीरे नग़्मा-ए-दिल भी फ़ुग़ाँ बनता गया मैं...

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें साक़िया साक़िया सम्भाल हमें रो रहे हैं कि एक आदत है वर्ना इतना नहीं मलाल हमें ख़ल्वती हैं तेरे जमाल के हम आइने...

पूरा दुःख और आधा चाँद

पूरा दुःख और आधा चाँद हिज्र की शब और ऐसा चाँद दिन में वहशत बहल गई रात हुई और निकला चाँद किस मक़्तल से गुज़रा होगा इतना सहमा-सहमा चाँद यादों...
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