मेले की सैर

'मेले की सैर' - इब्ने इंशा मिलके चलेंगे मेले भाई जाना नहीं अकेले भाई धेले की पालिश मंगवाओ कटा फटा…

चाँद

'चाँद' - यादराम 'रसेंद्र' मम्मी से यों रोकर बोली मेरी जीजी नंदा जाऊँगी स्कूल तभी, जब दिखला दोगी चंदा! मम्मी…

ईनाम

'ईनाम' - नागार्जुन हिरन का माँस खाते-खाते भेड़ियों के गले में हाड़ का एक काँटा अटक गया। बेचारे का गला…

मिट्ठू

कहानी: 'मिट्ठू' - प्रेमचंद बंदरों के तमाशे तो तुमने बहुत देखे होंगे। मदारी के इशारों पर बंदर कैसी-कैसी नकलें करता…

गिरगिट का सपना

'गिरगिट का सपना' - मोहन राकेश एक गिरगिट था। अच्‍छा, मोटा-ताजा। काफी हरे जंगल में रहता था। रहने के लिए…

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