इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिए
इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिए
दो दिन की ज़िन्दगी का मज़ा हमसे पूछिए
भूले हैं रफ़्ता-रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुदकुशी...
अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं
अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं
कुछ शेर फ़क़त उनको सुनाने के लिए हैं
अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें
कुछ...
इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं
इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं
आने वाले बरसों बाद भी आते हैं
हम ने जिस रस्ते पर उसको छोड़ा है
फूल अभी तक उस पर...
हवा में उड़ता कोई ख़ंजर जाता है
हवा में उड़ता कोई ख़ंजर जाता है
सर ऊँचा करता हूँ तो सर जाता है
धूप इतनी है, बन्द हुई जाती है आँख
और पलक झपकूँ तो मंज़र...
बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी
बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी
जैसी अब है तेरी महफ़िल कभी ऐसी तो न थी
ले गया छीन के कौन आज तिरा...
सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है
सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है
बा-वज़ू हो के भी छूते हुए डर लगता है
मैं तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता...
ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं
ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं
और क्या जुर्म है, पता ही नहीं
इतने हिस्सों में बट गया हूँ मैं
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं
ज़िन्दगी,...
ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के
ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के।
अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के।
कह रही है झोंपड़ी औ' पूछते हैं खेत भी
कब...
वो आदमी नहीं है, मुकम्मल बयान है
वो आदमी नहीं है, मुकम्मल बयान है,
माथे पे उसके चोट का गहरा निशान है।
वे कर रहे हैं इश्क़ पे संजीदा गुफ़्तगु,
मैं क्या बताऊँ, मेरा...
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं
मेरी नज़रें भी ऐसे क़ातिलों का जान...
तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आँकड़ें झूठे हैं, ये दावा किताबी है
उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो
इधर...
रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ
रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
कुछ तो मिरे पिंदार-ए-मोहब्बत का भरम रख
तू...

















