अपने अपने प्रिय

एक दिन
इजाज़त मिली सबको
अपना प्रिय चुनने की
सूरज ने रौशनी ली
चाँद, तारों के साथ हो लिया
नदियाँ, सागर से जा मिलीं
हवा, खुशबू के पीछे भाग गयी
बरखा ने बादल को
गले लगाया
और प्रेम…
प्रेम ने थाम ली
प्रतीक्षा की कलाई!

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