बच्चा

‘Bachcha’, Hindi Kavita by Indu Jain

औरत के सिर पर गठरी है,
कमर पर बच्चा,
मर्द हाथ में बक्सा
लटकाये है।

बच्चा रो रहा है लगातार,
हाथ-पाँव पटक रहा
बार-बार।

औरत के समझाने
मर्द के झुँझलाने के बावजूद
वह पैर-पैर चलना
चाहता है,
और
गठरी अपने सिर पर
उठाना चाहता है।

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