हम साइकिल सवार हैं
हम पहिए से राब्ता रखते हैं
उसके आविष्कार की मूल भावना के साथ
किसी ईंधन ने अभी नहीं लिया है
पहिए के उत्साह का स्थान हमारे हृदय में

हमसे कहा गया था
कि रास्ते पर हमारा दूसरा हक़ है
पैदल चलने वालों के बाद
फिर भी सड़क की पेचीदा गुत्थम ग्रंथियों में
पहले और दूसरे हक़ की वरीयता को कर दरकिनार
हमें माना गया कुचल दिए जाने लायक़
जैसे अभयारण्यों में छीन लिया जाता है
अभय घूमने का हक़ वन्यजीवों से
पर्यटकों से भरी जिप्सियों के द्वारा

हम साइकिल सवार हैं
हमारे पैरों को रटा होता है
रास्ते पर चढ़ाई और ढलान का मानचित्र
कब बचानी है ऊर्जा
कब चलानी है साइकिल एक रौ में, समतल सड़क पर
कब पिण्डलियों पर ज़ोर लगाना है
एक गणित जिससे मोटर और स्कूटर वाले
कभी बावस्ता नहीं हो पाते

हम साइकिल सवार हैं
वाहनों के साथ हम चलते हैं
सबसे बाएँ
या (देशान्तर में) सबसे दाएँ सड़क पर
पर्यावरण बचाने को वाहनों से पीछे छूट जाते हुए
इतनी-सी रियायत मिलती है हमें
या हम ख़ुद ले लेते हैं
कि सड़क पार करते समय
दुपहिया वाहनों के लिए बत्ती हरी होने से कुछ सेकण्ड पहले
ज़ेब्रा क्रॉसिंग की बत्ती हरी होने पर
पैदल सवारों के साथ कर लेते हैं पार सड़क
कभी-कभी
साइकल की सीट से उतरे बिना भी

हम साइकिल सवार हैं
हमारे भीतर स्कूली बच्चा
और पहिया बनाने वाला आदिम मनुष्य
अब भी हिलोरें मारता है!

देवेश पथ सारिया की कविता 'स्त्री से बात'

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देवेश पथ सारिया
प्राथमिक तौर पर कवि। गद्य लेखन में भी सक्रियता।पुस्तकें: 'हक़ीक़त के बीच दरार' (2021, वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग के कविता संग्रह का मेरे द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद) प्रथम कविता संकलन एवं ताइवान के अनुभवों पर आधारित गद्य की पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य।अन्य भाषाओं में प्रकाशन: मेरी कविताओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, मंदारिन चायनीज़, रूसी, स्पेनिश, पंजाबी, बांग्ला, और राजस्थानी भाषा-बोलियों में हो चुका है। मेरी रचनाओं के ये अनुवाद यूनाइटेड डेली न्यूज़, लिबर्टी टाइम्स, लिटरेरी ताइवान आदि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन: हंस, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कथादेश, कथाक्रम, परिकथा, पाखी, आजकल, बनास जन, मधुमती, कादंबिनी, समयांतर, समावर्तन, जनपथ, नया पथ, कथा, साखी, अकार, आधारशिला, बया, उद्भावना, दोआबा, बहुमत, परिंदे, प्रगतिशील वसुधा, शुक्रवार साहित्यिक वार्षिकी, कविता बिहान, साहित्य अमृत, शिवना साहित्यिकी, गाँव के लोग, कृति ओर, ककसाड़, अक्षर पर्व, निकट, मंतव्य, गगनांचल, मुक्तांचल, उदिता, उम्मीद, विश्वगाथा, रेतपथ, अनुगूँज, प्राची, कला समय, प्रेरणा अंशु, पुष्पगंधा आदि ।समाचार पत्रों में प्रकाशन: राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, प्रभात ख़बर, दि सन्डे पोस्ट।वेब प्रकाशन: सदानीरा, जानकीपुल, पोषम पा, लल्लनटॉप, हिन्दीनेस्ट, हिंदवी, कविता कोश, इंद्रधनुष, अनुनाद, बिजूका, पहली बार, समकालीन जनमत, मीमांसा, शब्दांकन, अविसद, कारवां, हमारा मोर्चा, साहित्यिकी, द साहित्यग्राम, लिटरेचर पॉइंट, अथाई, हिन्दीनामा।सम्मान: प्रभाकर प्रकाशन, दिल्ली द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (2021)संप्रति ताइवान में पोस्ट डाॅक्टरल शोधार्थी। मूल रूप से राजस्थान के राजगढ़ (अलवर) से संबंध।

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