मैं

‘I Am A Fountain, You Are my Water’ – Zeynep Hatun
अनुवाद: उपमा ‘ऋचा’

मैं झरना हूँ, तुम पानी हो मेरा,
मैं बहता हूँ तुम से तुम तक।

मैं आँख हूँ, तुम रौशनी मेरी,
मैं देखता हूँ तुम से तुम तक।

मेरे उत्तर में नहीं, मेरे दक्षिण में नहीं,
तुम हो मेरे क़दमों की नाप
और बाहों के विस्तार तक।

मैं…
एक यात्री, तुम पथ हो मेरा
मैं जाता हूँ, तुम से तुम तक।

 

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