जॉन कीट्स के उद्धरण | John Keats Quotes in Hindi

अनुवाद: पुनीत कुसुम

 

“मेरी कल्पना एक मठ है और मैं इसका महन्त।”

 

“इस संसार में कुछ भी स्थिर नहीं है, उपद्रव तुम्हारा एकमात्र संगीत है।”

 

“धरती और सागर, दुर्बलता और पतन बहुत बड़े विभाजक हैं, किन्तु मृत्यु हमेशा एक विशाल विभाजक रहा है।”

 

“एक महान उद्देश्य में विफलता से अधिक भयंकर नरक कुछ नहीं है।”

 

“प्राकृतिक दृश्य अच्छे हैं, लेकिन मानव प्रकृति बेहतर है।”

 

“कोई भी चीज़ जब तक अनुभव न की जाए, वास्तविक नहीं लगती – एक कहावत भी आपके लिए तब तक कहावत नहीं होती, जब तक आपका जीवन उसकी मिसाल न बन जाए।”

 

“जिस सहजता से पेड़ पर पत्ते आते हैं, यदि कविता वैसे सृजित नहीं होती तो उसका सृजन न ही हो तो बेहतर है।”

 

“सुन्दरता का अनुभव सदैव आनन्द देता है: इसकी कमनीयता कभी कम नहीं होती, यह कभी शून्यता में परिणत नहीं होता।”

 

“प्रेम ही मेरा धर्म है, मैं इसके लिए अपने प्राण भी त्याग सकता हूँ।”

 

“धरती की कविता कभी निर्जीव नहीं होती।”

 

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