“मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूँ कि इंसानी दिल का आविष्कार किसने किया था? मुझे बताओ और फिर वह जगह दिखाओ जहाँ उसे सूली पर चढ़ाया गया था!”

 

“इतिहास जीने के ग़लत तरीक़ों की अन्तहीन पुनरावृत्ति है।”

 

“हमारे आविष्कार हमारी अप्रकट इच्छाओं को दर्शाते हैं।”

 

“संगीत प्रेम ही है, शब्दों को ढूँढता हुआ।”

 

“कला भी जीवन की तरह एक खुला रहस्य है।”

 

“हम सब बेतुकी बातों में विश्वास करने के लिए तर्कपूर्ण कारण ढूँढते फिर रहे हैं।”

 

“जुआरी और प्रेमी, सच में हारने के लिए ही खेलते हैं।”

 

“एक विचार उस दुर्लभ पक्षी की तरह है जो दिखाई नहीं देता, कुछ दिखता है तो केवल उस डाली का हिलना जहाँ से वह पक्षी उड़ गया है।”

 

“हृदय जो कुछ भी चाहता है, वह आत्मा की कीमत पर उसे ख़रीद लेता है।”

 

“यौवन विषाद की उम्र होती है।”

 

“प्रेम, काव्य और जीवविज्ञान दोनों को मिलाकर बनता है।”

 

“घुमक्कड़ी अपने अन्दर झाँकने की सबसे फ़ायदेमंद विधियों में से एक हो सकती है।”

 

“प्रेम अँधा नहीं होता, ईर्ष्या होती है।”

 

“संगीत का आविष्कार इंसान के अकेलेपन की पुष्टि करने के लिए हुआ था।”

 

(अनुवाद: पुनीत कुसुम)

 

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लॉरेंस डरल
ब्रिटिश उपन्यासकार, कवि, नाटककार व यात्रा लेखक!

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