मधु कांकरिया के उद्धरण | Madhu Kankariya Quotes

 

“अपराधबोध आसमान में उड़ती वह काली चील होती है जो आपके ज़रा-सा ख़ाली होते ही झपट्टा मार दबोच लेती है आपको।”

 

“कोई स्मृति ज़िन्दगी से बड़ी नहीं होती। और न ही कोई सोच।”

 

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मधु कांकरिया
मधु कांकरिया हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका, कथाकार तथा उपन्यासकार हैं। उन्होंने बहुत सुन्दर यात्रा-वृत्तांत भी लिखे हैं। उनकी रचनाओं में विचार और संवेदना की नवीनता तथा समाज में व्याप्त अनेक ज्वलंत समस्याएँ जैसे संस्कृति, महानगर की घुटन और असुरक्षा के बीच युवाओं में बढ़ती नशे की आदत, लालबत्ती इलाकों की पीड़ा नारी अभिव्यक्ति उनकी रचनाओं के विषय रहे हैं।

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