कविताएँ: ओरहान वेली
अनुवाद: देवेश पथ सारिया

मेरी पूर्व पत्नी

हर रात तुम मेरे सपनों में आती हो
हर रात मैं तुम्हें साटन की सफ़ेद चादर पर देखता हूँ
हर रात शैतान मुझे तुम्हारे पास सुला देता है

तुम्हें मालूम है क्यों

क्योंकि हे मेरी स्त्री, मैं अब भी तुमसे प्यार करता हूँ
हालाँकि तुम छोड़ चुकी हो मुझे
तुम एक बेहद विशेष औरत हो
तुम जैसी ढूँढ पाना बहुत मुश्किल है।

ख़ुशनुमा मौसम

वसंत के सुंदर दिनों ने तबाह कर दी मेरी ज़िन्दगी
क्षीण हो गए मेरे सारे गुण
अपनी पहली सिगरेट मैंने वसंत में सुलगायी
मुझे प्रेम हुआ वसंत में
वसंत के एक दिन मैं रोटी और मक्खन घर लाना भूल गया
और यह वसंत का ही एक दिन था जब मैंंने कविताएँ लिखने की शुरुआत की
वसंत के इस ख़ुशनुमा मौसम ने मेरी पूरी ज़िन्दगी तबाह कर दी…

तुर्किश कवि ओरहान वेली की ये कविताएँ poemhunter.com वेबसाइट से ली गई हैं। इनका हिन्दी अनुवाद देवेश पथ सारिया ने किया है जो कि रवि कोपरा के अंग्रेज़ी अनुवाद पर आधारित है।
ओरहान वेली की कविता 'मैं समझा नहीं सकता'

Book by Orhan Veli:

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देवेश पथ सारिया
प्राथमिक तौर पर कवि। गद्य लेखन में भी सक्रियता।पुस्तकें: 'हक़ीक़त के बीच दरार' (2021, वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग के कविता संग्रह का मेरे द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद) प्रथम कविता संकलन एवं ताइवान के अनुभवों पर आधारित गद्य की पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य।अन्य भाषाओं में प्रकाशन: मेरी कविताओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, मंदारिन चायनीज़, रूसी, स्पेनिश, पंजाबी, बांग्ला, और राजस्थानी भाषा-बोलियों में हो चुका है। मेरी रचनाओं के ये अनुवाद यूनाइटेड डेली न्यूज़, लिबर्टी टाइम्स, लिटरेरी ताइवान आदि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन: हंस, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कथादेश, कथाक्रम, परिकथा, पाखी, आजकल, बनास जन, मधुमती, कादंबिनी, समयांतर, समावर्तन, जनपथ, नया पथ, कथा, साखी, अकार, आधारशिला, बया, उद्भावना, दोआबा, बहुमत, परिंदे, प्रगतिशील वसुधा, शुक्रवार साहित्यिक वार्षिकी, कविता बिहान, साहित्य अमृत, शिवना साहित्यिकी, गाँव के लोग, कृति ओर, ककसाड़, अक्षर पर्व, निकट, मंतव्य, गगनांचल, मुक्तांचल, उदिता, उम्मीद, विश्वगाथा, रेतपथ, अनुगूँज, प्राची, कला समय, प्रेरणा अंशु, पुष्पगंधा आदि ।समाचार पत्रों में प्रकाशन: राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, प्रभात ख़बर, दि सन्डे पोस्ट।वेब प्रकाशन: सदानीरा, जानकीपुल, पोषम पा, लल्लनटॉप, हिन्दीनेस्ट, हिंदवी, कविता कोश, इंद्रधनुष, अनुनाद, बिजूका, पहली बार, समकालीन जनमत, मीमांसा, शब्दांकन, अविसद, कारवां, हमारा मोर्चा, साहित्यिकी, द साहित्यग्राम, लिटरेचर पॉइंट, अथाई, हिन्दीनामा।सम्मान: प्रभाकर प्रकाशन, दिल्ली द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (2021)संप्रति ताइवान में पोस्ट डाॅक्टरल शोधार्थी। मूल रूप से राजस्थान के राजगढ़ (अलवर) से संबंध।

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