चयन: अनुराग तिवारी

स्त्रियाँ घर लौटती हैं
पिता
डोरी पर घर
पिता की याद
पेंसिल की तरह बरती गयीं घरेलू स्त्रियाँ
उस दिन भी, ऊन, भोर उगाता हूँ, माँ को ख़त

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विवेक चतुर्वेदी
जन्मतिथि: 03-11-1969 | शिक्षा: स्नातकोत्तर (ललित कला) | निवास: विजय नगर, जबलपुर सम्पर्क: [email protected]