Tag: Abhishek Mishra

सपना

कल रात देखा एक सपना और सपने में एक चेहरा बढ़ता हुआ अपनी तरफ़ चमकदार रौशनी लिए हुए एक अजीब सी कशमकश के साथ छोड़ गया मुझे वो बीच सपने...

तुम्हारे ख़्वाब में बिखरे नज़ारे याद आते हैं

तुम्हारे ख़्वाब में बिखरे नज़ारे याद आते हैं तुम्हारी शान से लिपटे सितारे याद आते हैं तुम्हारी आँख के जंगल में काजल की ये पगडण्डी मुझे इस...
Man Standing on a Hill Edge, Valley, Deep, Far Away

छतों को सर चढ़ा कर के रखा है

छतों को सर चढ़ा कर के रखा है दीवारों ने बिगाड़ा मामला है करो मालूम कि क्या माजरा है क्यों सबके सर पे ये टीका लगा है तुम्हें मुझपे...
Man standing near waterbody, river, ocean, sea

कितना वक़्त लगाया तुमने आने में

कितना वक़्त लगाया तूने आने में उलझे मन के धागों को सुलझाने में कुछ छोटी सी बातों को ठुकराने में एक ज़रा सी बात पे रूठे इस...

विचार

बच्चों की हर गलती में संस्कार माँ-बाप के बुरे नहीं होते, एक समय के बाद ये समाज भी संस्कार प्रदान करने लगता है... एक उम्र के बाद बच्चे जन्म देने...
Flower, Lips, Wall

हवाओं की सदाएँ सुन सके तो सुन ज़रा ज़ालिम,

हवाओं की सदाएँ सुन सके तो सुन ज़रा ज़ालिम, है तुझमें ज़ोर तो आकर के मुझपे आज़मा ज़ालिम। ये तेरी जुर्रतें मुझको बड़ी बेबस सी लगती हैं, ख़ुदा...

कोशिश है सुधरने की

मैं हर रोज़ खोजता हूँ ख़ुद में सच्चाई, सच्चाई जो हर रोज़ खो जाती है भीड़ में कहीं, या वो लोग चुरा लेते हैं मुझसे, जिन्हें उसकी आदत नहीं.. मैं...
Lord Shiv

आदियोगी

उड़ चले आकाश की गहराइयों में घूमने जब, दिप्त इस ब्रम्हांड की परछाइयों को चूमने जब, मन को मांजे राख से और रग में गंगा जल...
वह मकान जो प्रेमचंद ने अपने पैतृक गाँव 'लमही' में बनाया था!

गुज़र आखिरी है

गुज़र आखिरी है, बसर आख़िरी है, दुआओं का तेरी असर आख़िरी है, नहीं मिल सकेंगे अगर अबकि बिछड़े के चलता हूँ मैं अब सफर आख़िरी है, मेरी याद...
Shadow, Restless

दिल की बेचैनी बढ़ाकर दिल लगाना सीखिए

दिल की बेचैनी बढ़ाकर दिल लगाना सीखिए, ज़िन्दगी जीना है ग़र तो मुस्कुराना सीखिए, इश्क़ के दरिया में कोई नाव है चलती नहीं पार जाना है अगर...

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