Tag: Metered Verses

Subhadra Kumari Chauhan

यह कदम्ब का पेड़

यह कदम्ब का पेड़ | Yah Kadamb Ka Ped यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले...
Amir Khusrow

अमीर ख़ुसरो के दोहे

अमीर ख़ुसरो के दोहे | Amir Khusro Ke Dohe ख़ुसरो रैन सुहाग की, जागी पी के संग। तन मेरो मन पियो को, दोउ भए एक रंग॥ ख़ुसरो...
Firaq Gorakhpuri

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं तुझे ऐ ज़िन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं मेरी नज़रें भी ऐसे क़ातिलों का जान...
Ahmad Faraz

रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ

रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ कुछ तो मिरे पिंदार-ए-मोहब्बत का भरम रख तू...
Dushyant Kumar

मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आएँगे

मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आएँगे इस बूढ़े पीपल की छाया में सुस्ताने आएँगे हौले-हौले पाँव हिलाओ, जल सोया है छेड़ो मत हम सब अपने-अपने दीपक...
Zafar Iqbal

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा वो ख़ुद ही एक दिन इस दाएरे से गुज़रेगा भरी रहे अभी आँखों में उसके नाम की नींद वो...
Moon, Flower

नील गगन का चाँद

वह नील गगन का चाँद उतर धरती पर आएगा, तुम आज धरा के गीतों को फिर से मुस्‍काने दो। वे गीत कि जिनसे जेठ दुपहरी भी...
Hafeez Merathi

आबाद रहेंगे वीराने, शादाब रहेंगी ज़ंजीरें

आबाद रहेंगे वीराने, शादाब रहेंगी ज़ंजीरें जब तक दीवाने ज़िंदा हैं, फूलेंगी-फलेंगी ज़ंजीरें आज़ादी का दरवाज़ा भी ख़ुद ही खोलेंगी ज़ंजीरें टुकड़े-टुकड़े हो जाएँगी जब हद से...
Hasrat Mohani

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है बा-हज़ाराँ इज़्तिराब ओ सद-हज़ाराँ इश्तियाक़ तुझसे वो पहले-पहल दिल का लगाना याद...
Dilawar Figar

दावतों में शाइरी

दावतों में शाइरी अब हो गई है रस्म-ए-आम यूँ भी शाइर से लिया जाता है अक्सर इंतिक़ाम पहले खाना उसको खिलवाते हैं भूखे की तरह फिर उसे करते...
Akbar Allahabadi

हंगामा है क्यूँ बरपा

हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है डाका तो नहीं डाला, चोरी तो नहीं की है ना-तजरबा-कारी से वाइज़ की ये हैं बातें इस...
Ali Sardar Jafri

तुम नहीं आए थे जब

तुम नहीं आए थे जब, तब भी तो मौजूद थे तुम आँख में नूर की और दिल में लहू की सूरत दर्द की लौ की तरह,...
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