Tag: Metered Verses

Lamp Post, Night

विश्व भर की हलचलें

विश्व भर की हलचलें गहरे तिमिर में खो गयीं! पड़ गया हरियालियों का रंग कुछ-कुछ साँवला, भौंर की मधु बाँसुरी का स्वर कहीं लय हो गया, बालपन...
Kaifi Azmi

औरत

उठ मिरी जान मिरे साथ ही चलना है तुझेक़ल्ब-ए-माहौल में लर्ज़ां शरर-ए-जंग हैं आज हौसले वक़्त के और ज़ीस्त के यक-रंग हैं आज आबगीनों में तपाँ...
Kaifi Azmi

मकान

आज की रात बहुत गर्म हवा चलती है आज की रात न फ़ुटपाथ पे नींद आएगी सब उठो, मैं भी उठूँ, तुम भी उठो, तुम भी...
Chandrasen Virat

कचनार की टहनी

झुकी मन के गवाक्षों पर किसी कचनार की टहनी हमारे द्वार तक आयी किसी के द्वार की टहनीलदी जब लाल फूलों से, बुलाने लग गई...
Faiz Ahmad Faiz

चंद रोज़ और मेरी जान

चंद रोज़ और मेरी जान फ़क़त चंद ही रोज़ ज़ुल्म की छाँव में दम लेने पे मजबूर हैं हम और कुछ देर सितम सह लें, तड़प...
Old man from village

जाहिल के बाने

मैं असभ्य हूँ क्योंकि खुले नंगे पाँवों चलता हूँ मैं असभ्य हूँ क्योंकि धूल की गोदी में पलता हूँ मैं असभ्य हूँ क्योंकि चीरकर धरती धान...
Sahir Ludhianvi

मेरे गीत तुम्हारे हैं

अब तक मेरे गीतों में उम्मीद भी थी, पसपाई भी मौत के क़दमों की आहट भी, जीवन की अंगड़ाई भी मुस्तक़बिल की किरनें भी थीं, हाल...
Shakeel Badayuni

उनकी तस्वीर देखकर

आज क्या है जो मिला शोख़ निगाहों को क़रार? क्या हुआ हुस्न की मासूम हयाओं का वक़ार आज क्यूँ तुम मुझे देखे ही चले जाते हो?दफ़अतन...
Gulzar

ऊट-पटाँग

कानों की इक नगरी देखी, जिसमें सारे काने देखे एक तरफ़ से अहमक़ सारे, एक तरफ़ से सियाने थे कानों की इस नगरी के सब रीत...
Ibne Insha

फ़र्ज़ करो हम अहल-ए-वफ़ा हों

फ़र्ज़ करो हम अहल-ए-वफ़ा हों, फ़र्ज़ करो दीवाने हों फ़र्ज़ करो ये दोनों बातें झूठी हों, अफ़्साने होंफ़र्ज़ करो ये जी की बिपता, जी से...
Sahir Ludhianvi

ख़ूबसूरत मोड़

'Khoobsurat Mod' - Sahir Ludhianviचलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनोंन मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिलनवाज़ी की न तुम मेरी तरफ़...
Bashir Badr

कोई फूल धूप की पत्तियों में

कोई फूल धूप की पत्तियों में हरे रिबन से बँधा हुआ वो ग़ज़ल का लहजा नया-नया, न कहा हुआ, न सुना हुआजिसे ले गई है...

STAY CONNECTED

38,332FansLike
20,438FollowersFollow
28,440FollowersFollow
1,730SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Thithurte Lamp Post - Adnan Kafeel Darwesh

‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ से कविताएँ

अदनान कफ़ील 'दरवेश' का जन्म ग्राम गड़वार, ज़िला बलिया, उत्तर प्रदेश में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने...
Vijendra Anil

कहाँ हैं तुम्हारी वे फ़ाइलें

मैं जानता था—तुम फिर यही कहोगे यही कहोगे कि राजस्थान और बिहार में सूखा पड़ा है ब्रह्मपुत्र में बाढ़ आयी है, उड़ीसा तूफ़ान की चपेट में...
Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘चित्रकार बच्चा’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल (Dunya Mikhail) का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन...
Muktibodh - T S Eliot

टी. एस. ईलियट के प्रति

पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य कोऔर मेरे बिस्तरे के पास नीरव टिमटिमाते दीप के नीचे अँधेरे में घिरे भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत! जाने...
Jeffrey McDaniel

जेफ़री मैकडैनियल की कविता ‘चुपचाप संसार’

जेफ़री मैकडैनियल (Jeffrey McDaniel) के पाँच कविता संग्रह आ चुके हैं, जिनमें से सबसे ताज़ा है 'चैपल ऑफ़ इनडवर्टेंट जॉय' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग प्रेस,...
Antas Ki Khurchan - Yatish Kumar

‘अन्तस की खुरचन’ से कविताएँ

यतीश कुमार की कविताओं को मैंने पढ़ा। अच्छी रचना से मुझे सार्वजनिकता मिलती है। मैं कुछ और सार्वजनिक हुआ, कुछ और बाहर हुआ, कुछ...
Shivangi

उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ

मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही मुझसे अनजान है वह मेरा नाम नहीं जानती उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ मेरे नाम के अभाव से, परेशान वह बिलकुल माँ...
Savitribai Phule, Jyotiba Phule

सावित्रीबाई फुले का ज्योतिबा फुले को पत्र

Image Credit: Douluri Narayanaप्रिय सत्यरूप जोतीबा जी को सावित्री का प्रणाम,आपको पत्र लिखने की वजह यह है कि मुझे कई दिनों से बुख़ार हो रहा...
Khoyi Cheezon Ka Shok - Savita Singh

‘खोई चीज़ों का शोक’ से कविताएँ

सविता सिंह का नया कविता संग्रह 'खोई चीज़ों का शोक' सघन भावनात्मक आवेश से युक्त कविताओं की एक शृंखला है जो अत्यन्त निजी होते...
Rahul Tomar

कविताएँ: दिसम्बर 2021

आपत्तियाँ ट्रेन के जनरल डिब्बे में चार के लिए तय जगह पर छह बैठ जाते थे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती थीस्लीपर में रात के समय...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)