Tag: Night

Jyotsna Milan

रात

सबसे पहले शुरू होता है माँ का दिन मुँह अंधेरे और सबके बाद तक चलता है छोटी होती हैं माँ की रातें नियम से और दिन नियम से लम्बे रात में दूर तक...
Rajkamal Chaudhary

रात्रिदग्ध एकालाप

1 बारूद के कोहरे में डूब गए हैं पहाड़, नदी, मकान, शहर के शहर। बीवी से छिपाकर बैंक में पैसे डालने का मतलब नहीं रह गया है अब। 2 मुझे चुप...
Puru Malav

पुरु मालव की कविताएँ

पार्टनर, तुम्हारी जात क्या है सच ही कहा था शेक्सपियर ने 'नाम में क्या रखा है' जो कुछ है, जाति है नाम तो नाम है, जाति थोड़ी है जो...
Woman

सारी रात

दूसरा गिलास भी ख़ाली था। मेरा गिलास, जो पहला गिलास नहीं था, ख़ाली हो रहा था। मैंने दूसरे गिलास को भी भर दिया और...
Harivansh Rai Bachchan

रात आधी खींचकर मेरी हथेली

रात आधी, खींचकर मेरी हथेली, एक उँगली से लिखा था 'प्यार' तुमने। फ़ासला था कुछ हमारे बिस्तरों में और चारों ओर दुनिया सो रही थी, तारिकाएँ ही...
Night, Lonely, Alone, Road

रात कितनी ही फ़िक्रें सर पर थीं

'Raat Kitni Hi Fikrein Sar Par Thin', a nazm by Tasneef Haidar रात कितनी ही फ़िक्रें सर पर थीं जिस मकां में मेरी रिहाइश है उसे दो...
Lamp Post, Night

उलटे पैर

'Ulte Pair', a poem by Dwarika Uniyal भटकती आँखों के ज्वालामुखी ट्रैफ़िक सिग्नल पे बत्तियाँ नहीं देखते मानों फिसलते आँसुओं के बुलबुले में पिघलता लावा क़ैद हो! गरज़ती बिजलियों की तड़प दिखती पहले है और सुनायी बहुत बाद में वैसे घास काटती दरातियों से...
Mohabbat Ki Nazmein - Tasneef Haidar

एक शाम सिर्फ़ अँधेरे से सजाई जाये

एक शाम सिर्फ़ अँधेरे से सजाई जाये हवाएँ दबे पाऊँ आकर स्लाइडिंग की दराज़ों में बैठ जाएँ तुम्हारी पिंडिलयों पर मेरे पैर का अंगूठा लिख रहा हो रात का सियाह...
Moon, Night, Silhouette, Girl

चाँदनी रात में

तुम जो बनती मौसम चाँदनी रात में, ज्वार उठते हैं मुझमें चाँदनी रात में। साँस के बहाने कलियाँ भरती हैं गंध, जब तुम गुज़रती चाँदनी रात में। दिल...
Ramnaresh Tripathi

मामी निशा

चंदा मामा गए कचहरी, घर में रहा न कोई, मामी निशा अकेली घर में कब तक रहती सोई! चली घूमने साथ न लेकर कोई सखी-सहेली, देखी उसने...
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

जुगनू

पेड़ पर रात की अँधेरी में जुगनुओं ने पड़ाव हैं डाले या दिवाली मना चुड़ैलों ने आज हैं सैकड़ों दिये बाले तो उँजाला न रात में होता बादलों से भरे...
Clock, Watch, Time, Dark

रात का अपनापन

जब सब कुछ चुप हो, निःशब्द तब का शोर सबसे तीव्र होता है। बारिश की आखिरी बूँद का धीरे से भी ज़मीन पर पैर रखना सुनाई दे...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)