Tag: spring

Rahul Tomar

कविताएँ: दिसम्बर 2021

आपत्तियाँ ट्रेन के जनरल डिब्बे में चार के लिए तय जगह पर छह बैठ जाते थे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती थीस्लीपर में रात के समय...
Sanjay Chhipa

संजय छीपा की कविताएँ

1 कुरेदता हूँ स्मृतियों की राख कि लौट सकूँ कविता की तरफ़एक नितान्त ख़ालीपन में उलटता-पलटता हूँ शब्दों को एक सही क्रम में जमाने की करता हूँ कोशिशज़िन्दगी की बेतरतीबी...
Girl, Woman, Smiling, Window

रुत

1 इधर उत्तरायण हुए सूर्य का मन माघ जल के छींटों से तृप्त हुआ और उधर गुलाबी सर्दी की तान ने नायक जनवरी को फ़रवरी के प्रेम में...
Girl sitting on grass

चम्पई धूप

सब कुछ अपनी अनुकूलता संग प्रतिकूलता में भी गतिमान रहे। कोई हाथ पकड़कर रोकने की विवशता के आयाम नहीं गढ़ सकता, जिस प्रवाह में तुम आते हो तुम्हारे लौटने...
Flower, Hand

फ़रवरी: वसन्त और प्रेम की कुछ कविताएँ

छोटा पीला फूल जिन छोटे-छोटे फूलों का हम नाम नहीं जानते अवसाद के क्षणों में घास, झाड़ी या पत्तियों में से उँगली बढ़ा वही हमें थाम लेते हैंघास में उगे उस पीले...
Nemichandra Jain

वसंत

1लगता है आख़िरकार वसंत ने भी शिशिर के आगे आत्म-समर्पण करके समझौता कर लिया है जैसे कवियों ने नेताओं से।तभी तो पता नहीं लगता वसंत कब आया, कब चलता बना या...
Rag Ranjan

उसने मुझे पीला रंग सिखाया

उसने मुझे पीला रंग सिखायाऔर मुझे दिखायी दिए जीवन के धूसर रंगों के बीचोबीच रू ब रू दो दहकते हुए पीले सूर्यमुखी एक से दूसरे के...
Girl with flower, spring

वायरस की छाया में वसन्त

एक-एक पत्ता झड़ते हुए दिन महीने वर्ष भी झड़ते चले गए चुपचाप फिर कभी अस्तित्व में थी वह मधुर वासन्तिक गन्ध क्या अभी भी बह रही थी ठूँठ-सूखे पेड़ से अपनी...
Spring, Flowers

हाइवे पर बसन्त

'Highway Par Basant', a poem by Sonu Choudharyनीले भरम के ठीक नीचे मक्खन सड़क की रफ़्तार पर पेनड्राइव की तीखी आवाज़ में गानों के लिरिक्स दार्शनिक की तरह मेरे...
Akhileshwar Pandey

कैसे पता चला कि वसन्त आया

किसी कवि ने फ़रमाया किसी ज्योतिष ने समझाया किसी वैज्ञानिक या किसान ने बताया वसन्त आ गया कैसे पता चला...!तन से मन से जन से या धन से वसन्त आया... कैसे पता चला!दलितों की...
Dhoomil

वसन्त

इधर मैं कई दिनों से प्रतीक्षा कर रहा हूँ : कुर्सी में टिमटिमाते हुए आदमी की आँखों में ऊब है और पड़ोसी के लिए लम्बी यातना के बाद किसी तीखे शब्द...

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Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘चित्रकार बच्चा’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल (Dunya Mikhail) का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन...
Muktibodh - T S Eliot

टी. एस. ईलियट के प्रति

पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य कोऔर मेरे बिस्तरे के पास नीरव टिमटिमाते दीप के नीचे अँधेरे में घिरे भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत! जाने...
Jeffrey McDaniel

जेफ़री मैकडैनियल की कविता ‘चुपचाप संसार’

जेफ़री मैकडैनियल (Jeffrey McDaniel) के पाँच कविता संग्रह आ चुके हैं, जिनमें से सबसे ताज़ा है 'चैपल ऑफ़ इनडवर्टेंट जॉय' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग प्रेस,...
Antas Ki Khurchan - Yatish Kumar

‘अन्तस की खुरचन’ से कविताएँ

यतीश कुमार की कविताओं को मैंने पढ़ा। अच्छी रचना से मुझे सार्वजनिकता मिलती है। मैं कुछ और सार्वजनिक हुआ, कुछ और बाहर हुआ, कुछ...
Shivangi

उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ

मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही मुझसे अनजान है वह मेरा नाम नहीं जानती उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ मेरे नाम के अभाव से, परेशान वह बिलकुल माँ...
Savitribai Phule, Jyotiba Phule

सावित्रीबाई फुले का ज्योतिबा फुले को पत्र

Image Credit: Douluri Narayanaप्रिय सत्यरूप जोतीबा जी को सावित्री का प्रणाम,आपको पत्र लिखने की वजह यह है कि मुझे कई दिनों से बुख़ार हो रहा...
Khoyi Cheezon Ka Shok - Savita Singh

‘खोई चीज़ों का शोक’ से कविताएँ

सविता सिंह का नया कविता संग्रह 'खोई चीज़ों का शोक' सघन भावनात्मक आवेश से युक्त कविताओं की एक शृंखला है जो अत्यन्त निजी होते...
Rahul Tomar

कविताएँ: दिसम्बर 2021

आपत्तियाँ ट्रेन के जनरल डिब्बे में चार के लिए तय जगह पर छह बैठ जाते थे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती थीस्लीपर में रात के समय...
Yashasvi Pathak

कविताएँ: दिसम्बर 2021

अंशतः अमान्य विचारों का समीकरण वह प्रभावकारी नहीं है उसमें संवेदन को परिवर्तित करने की क्षमता नहीं उससे समाज नहीं बनता है उसके स्रष्टा दो-तीन प्रकार के नहीं...
J V Pawar

‘दलित पैंथर ने दलित साहित्य का भूमण्डलीकरण किया’

दलित पैंथर के संस्थापक ज. वि. पवार से राजश्री सैकिया की बातचीत ज. वि. पवार दलित-पैंथर के संस्थापकों में एक रहे हैं। इस संगठन ने...
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