सब दिन एक जैसे नहीं होते
सब दिन एक जैसे नहीं होते
कल का दिन तो ऐसा नहीं था
जैसा आज का है
हर दिन अपनी-अपनी गुफा में
छुपा
जब सवेरे-सवेरे
हम से सामना करता है
तो...
तेरे ख़तों की ख़ुशबू
तेरे ख़तों की ख़ुशबू
हाथों में बस गई है. साँसों में रच रही है
ख़्वाबों की वुसअतों में इक धूम मच रही है
जज़्बात के गुलिस्ताँ महका...
चकले (जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं)
ये कूचे, ये नीलाम घर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ हैं मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
सना-ख़्वान-ए-तक़्दीस-ए-मशरिक़ कहाँ हैं
ये पुर-पेच गलियाँ, ये बे-ख़्वाब बाज़ार
ये...
इस गली के मोड़ पर
इस गली के मोड़ पर इक अज़ीज़ दोस्त ने
मेरे अश्क पोंछकर
आज मुझसे ये कहा—
यूँ न दिल जलाओ तुम
लूट-मार का है राज
जल रहा है कुल...
कौन आज़ाद हुआ
कौन आज़ाद हुआ?
किसके माथे से ग़ुलामी की सियाही छूटी?
मेरे सीने में अभी दर्द है महकूमी का
मदर-ए-हिन्द के चेहरे पे उदासी है वही
ख़ंजर आज़ाद हैं...
आज की शब तो किसी तौर गुज़र जाएगी
आज की शब तो किसी तौर गुज़र जाएगी
रात गहरी है मगर चाँद चमकता है अभी
मेरे माथे पे तेरा प्यार दमकता है अभी
मेरी साँसों में तेरा लम्स...
मैं पल दो पल का शायर हूँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है
मुझसे पहले कितने...
एक ख़्वाब की दूरी पर
इक ख़्वाहिश थी
कभी ऐसा हो
कभी ऐसा हो कि अंधेरे में
(जब दिल वहशत करता हो बहुत
जब ग़म शिद्दत करता हो बहुत)
कोई तीर चले
कोई तीर चले...
दर्द आएगा दबे पाँव
और कुछ देर में जब फिर मेरे तन्हा दिल को
फ़िक्र आ लेगी कि तन्हाई का क्या चारा करे
दर्द आएगा दबे पाँव लिए सुर्ख़ चराग़
वो जो...
















