कहो तो! तुम और मैं
कैसे तुम्हारा जन्मदिन मना लें?
चलो! चाँद से कुछ गप्पे करें
सितारों की महफ़िल सजा लें।

बन जाएँ फिर से हम
गुड्डा और गुड़िया
चलो! लें साईकल किराये पे
धरती का एक चक्कर लगा लें।

भर लें खुशियों के हम गुब्बारे
गम के ग़ुबार उड़ा दें।
चलो! खट्टी मीठी यादें लेकर
बातों की भेलपुरी बना लें।

सूरज को गुदगुदा दें थोड़ा
बादलों को ज़रा हिला दें।
चलो! निकालें पीली छतरी
बारिश में आधा-आधा नहा लें।

दिन का उजला रंग मिला लें,
रात का काला रंग चुरा ले।
चलो! उजले से धूप निकालें,
काले से हम मूँछ बना ले।

हँसी का एक पेड़ उगा लें
दुआओं के कुछ पंछी बिठा दें,
चलो! बन जाऊँ मैं सेण्टाक्लोज़
लॉफिंग बुद्धा तुमको बना दें।

अक्षत, रोली, चंदन लेकर
पूजा की थाल सजा लें।
मैं बन जाऊं पुजारन
देवता तुमको बना दें।

© शिल्पी

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