Ignou MA Hindi Study Material, Ignou MA Hindi, Ignou Hindi, Ignou Upanyaas evam Kahani. Read here the literature pieces from the syllabus of Ignou MA Hindi.
Tag: IGNOU MA Hindi Study Material (MHD)
अमन का राग
सच्चाइयाँ
जो गंगा के गोमुख से मोती की तरह बिखरती रहती हैं
हिमालय की बर्फ़ीली चोटी पर चाँदी के उन्मुक्त नाचते
परों में झिलमिलाती रहती हैं
जो एक...
हँसो हँसो जल्दी हँसो
हँसो तुम पर निगाह रखी जा रही है
हँसो अपने पर न हँसना क्योंकि उसकी कड़वाहट
पकड़ ली जाएगी और तुम मारे जाओगे
ऐसे हँसो कि बहुत...
बूढ़ा पुल
मैं हूँ इस नदिया का बूढ़ा पुल
मुझ में से हहराता
गुज़र गया कितना जल!
लेकिन मैं माथे पर यात्राएँ बोहे इस
रेती में गड़ा रहा।
मुझ पर से...
मोचीराम
Mochiram | a poem by Dhoomil
राँपी से उठी हुई आँखों ने मुझे
क्षण-भर टटोला
और फिर
जैसे पतियाये हुए स्वर में
वह हँसते हुए बोला—
बाबूजी! सच कहूँ— मेरी...
माँ
तुमको कभी नहीं देखा, जरी किनारी साड़ी में
न गले में मोतियों की माला, न कंगन कड़े पहने
रबड़ की चप्पलें तक नहीं तुम्हारे पैरों में
झुलसती...
वृक्ष
यातना भार से व्याकुल वृक्ष को देखा मैंने
वोधिवृक्ष जैसी इसकी जड़ें गहरी हैं
बोधित वृक्ष पर तो फूल भी खिले
यह वृक्ष सभी ऋतुओं में झुलसा...
बोलनेवाली औरत
"कल छोले बनेंगे?"
"जी छोले बनेंगे।"
"पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।"
"हाँ जी, पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।"
खून का सवाल
मैं अभी भी निषेधित मानव हूँ
साँस मेरी बहिष्कृत है
मेरी कटि को ताड़ के पत्तों से लपेटकर
मेरे मुँह पर उगलदान लटकाकर
लोगों के बीच मुझे
असह्य मानव-पशु...
कितनी नावों में कितनी बार
कितनी दूरियों से कितनी बार
कितनी डगमग नावों में बैठ कर
मैं तुम्हारी ओर आया हूँ
ओ मेरी छोटी-सी ज्योति!
कभी कुहासे में तुम्हें न देखता भी
पर कुहासे...
गोरैया
मैं कंटीली झाड़ियों में फँसकर
तड़पने वाली गोरैया हूँ
किसी भी तरफ़ हिलूँ
काँटे चुभेंगे मुझे ही
ये आज के काँटे नहीं हैं
पीढ़ियों से मेरे इर्द-गिर्द फैलायी
ग़ुलामी की ज़ंजीरें हैं
आगे कुआँ, पीछे...
द्रोणाचार्य सुनें, उनकी परम्पराएँ सुनें
सुनो! द्रोण सुनो!
एकलव्य के दर्द में सनसनाते हुए घाव को
महसूसता हूँ
एक बारगी दर्द हरियाया है
स्नेह नहीं, गुरू ही याद आया है
जिसे मैंने हृदय में...
मगध के लोग
मगध के लोग
मृतकों की हड्डियाँ चुन रहे हैं
कौन-सी अशोक की हैं?
और चन्द्रगुप्त की?
नहीं, नहीं
ये बिम्बिसार की नहीं हो सकतीं
अजातशत्रु की हैं,
कहते हैं मगध के लोग
और...








