Tag: IGNOU MA Hindi Study Material (MHD)

Ignou MA Hindi Study Material, Ignou MA Hindi, Ignou Hindi, Ignou Upanyaas evam Kahani. Read here the literature pieces from the syllabus of Ignou MA Hindi.

Shamser Bahadur Singh

अमन का राग

सच्‍चाइयाँ जो गंगा के गोमुख से मोती की तरह बिखरती रहती हैं हिमालय की बर्फ़ीली चोटी पर चाँदी के उन्‍मुक्‍त नाचते परों में झिलमिलाती रहती हैं जो एक...
Raghuvir Sahay

हँसो हँसो जल्दी हँसो

हँसो तुम पर निगाह रखी जा रही है हँसो अपने पर न हँसना क्योंकि उसकी कड़वाहट पकड़ ली जाएगी और तुम मारे जाओगे ऐसे हँसो कि बहुत...

बूढ़ा पुल

मैं हूँ इस नदिया का बूढ़ा पुल मुझ में से हहराता गुज़र गया कितना जल! लेकिन मैं माथे पर यात्राएँ बोहे इस रेती में गड़ा रहा। मुझ पर से...
Dhoomil

मोचीराम

Mochiram | a poem by Dhoomil राँपी से उठी हुई आँखों ने मुझे क्षण-भर टटोला और फिर जैसे पतियाये हुए स्वर में वह हँसते हुए बोला— बाबूजी! सच कहूँ— मेरी...
Jyoti Lanjewar

माँ

तुमको कभी नहीं देखा, जरी किनारी साड़ी में न गले में मोतियों की माला, न कंगन कड़े पहने रबड़ की चप्पलें तक नहीं तुम्हारे पैरों में झुलसती...

वृक्ष

यातना भार से व्याकुल वृक्ष को देखा मैंने वोधिवृक्ष जैसी इसकी जड़ें गहरी हैं बोधित वृक्ष पर तो फूल भी खिले यह वृक्ष सभी ऋतुओं में झुलसा...
Mamta Kalia

बोलनेवाली औरत

"कल छोले बनेंगे?" "जी छोले बनेंगे।" "पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।" "हाँ जी, पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।"
Yendluri Sudhakar

खून का सवाल

मैं अभी भी निषेधित मानव हूँ साँस मेरी बहिष्कृत है मेरी कटि को ताड़ के पत्तों से लपेटकर मेरे मुँह पर उगलदान लटकाकर लोगों के बीच मुझे असह्य मानव-पशु...
Agyeya

कितनी नावों में कितनी बार

कितनी दूरियों से कितनी बार कितनी डगमग नावों में बैठ कर मैं तुम्हारी ओर आया हूँ ओ मेरी छोटी-सी ज्योति! कभी कुहासे में तुम्हें न देखता भी पर कुहासे...
Woman Abstract

गोरैया

मैं कंटीली झाड़ियों में फँसकर तड़पने वाली गोरैया हूँ किसी भी तरफ़ हिलूँ काँटे चुभेंगे मुझे ही ये आज के काँटे नहीं हैं पीढ़ियों से मेरे इर्द-गिर्द फैलायी ग़ुलामी की ज़ंजीरें हैं आगे कुआँ, पीछे...

द्रोणाचार्य सुनें, उनकी परम्पराएँ सुनें

सुनो! द्रोण सुनो! एकलव्य के दर्द में सनसनाते हुए घाव को महसूसता हूँ एक बारगी दर्द हरियाया है स्नेह नहीं, गुरू ही याद आया है जिसे मैंने हृदय में...

मगध के लोग

मगध के लोग मृतकों की हड्डियाँ चुन रहे हैं कौन-सी अशोक की हैं? और चन्द्रगुप्त की? नहीं, नहीं ये बिम्बिसार की नहीं हो सकतीं अजातशत्रु की हैं, कहते हैं मगध के लोग और...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)