Tag: life

Gardening, Soil, Planting

आज सुबह ही

आज सुबह ही मिट्टी खोदी घास उखाड़ी पानी डाला सुबह-सुबह की धूप देखकर सही जगह पर क़लम लगायी खीझ रहा था कई दिनों से मन के भीतर इस जीवन पर अस्थिर होकर घूम...
Maithilisharan Gupt

जीवन की ही जय है

मृषा मृत्यु का भय है जीवन की ही जय है। जीव की जड़ जमा रहा है नित नव वैभव कमा रहा है पिता पुत्र में समा रहा है यह...
Girdhar Rathi

स्वगत

'Swagat' | a poem by Girdhar Rathi वही— जिसे भींच रहे हो मुट्ठी में लेकिन जो टूट-बिखर जाता है बार-बार— जीवन है। कभी रेत और कभी बर्फ़ कभी आँच और...
Letter

अपेक्षाओं के बियाबान

सिलीगुड़ी 4 फ़रवरी, 70 आदरणीय दादा सादर प्रणाम कल रात फिर वही स्वप्न देखा। मैं और सुरभित समुद्र किनारे क़दमों के निशान छोड़ते बढ़े जा रहे हैं। अपर्णा...
Amar Dalpura

काम, गंगाराम कुम्हार

काम मेरे पास दो हाथ हैं— दोनों काम के अभाव में तन से चिपके निठल्ले लटके रहते हैं! इस देश की स्त्रियों के पास इतने काम हैं— भोर से...
Bharat Bhushan

मन, कितना अभिनय शेष रहा?

मन, कितना अभिनय शेष रहा? सारा जीवन जी लिया, ठीक जैसा तेरा आदेश रहा! बेटा, पति, पिता, पितामह सब इस मिट्टी के उपनाम रहे, जितने सूरज उगते देखो उससे ज़्यादा संग्राम...
Noon Meem Rashid

ज़िन्दगी से डरते हो

ज़िन्दगी से डरते हो! ज़िन्दगी तो तुम भी हो, ज़िन्दगी तो हम भी हैं! ज़िन्दगी से डरते हो? आदमी से डरते हो आदमी तो तुम भी हो, आदमी...
Harish Bhadani

तेरी-मेरी ज़िन्दगी का गीत एक है

तेरी-मेरी ज़िन्दगी का गीत एक है क्या हुआ जो रागिनी को पीर भा गई क्या हुआ जो चाँदनी को नींद आ गई स्याह घाटियों में कोई बात खो गई क्या...
Open Heart, Untouched

ये असंगति ज़िन्दगी के द्वार सौ-सौ बार रोयी

ये असंगति ज़िन्दगी के द्वार सौ-सौ बार रोयी बाँह में है और कोई, चाह में है और कोई साँप के आलिंगनों में मौन चन्दन तन पड़े हैं सेज...
Dream

कमाल का स्वप्न, नींद, प्रतीक्षारत

कमाल का स्वप्न जीवन के विषय में पूछे जाने पर दृढ़ता से कह सकता हूँ मैं कमाल का स्वप्न था.. जैसा देखा, हुआ नहीं जैसा हुआ, देखा नहीं! नींद कहानी सुनाकर दादी...
Taking Center Stage, Abstract, Light, Death, Angel, Devil

मृत्युंजय

जीवन नहीं देखता रंग-रूप, जात-पात धरती के हृदय से कई फूल खिलते हैं! कुछ मुरझाए फूलों को भी धरती दाना-पानी देती है, हवा नहीं रुकती किसी पर आक्रोशित होकर, वर्षा होती ही...
Woman holding baby

वह क्या है?

वह क्या है जो एक औरत पालती है अपने बच्चों को बारी-बारी से गर्भ में लम्बे नौ महीने तक और एक दिन उन्हें ही अपने साथ ले कुएँ में...

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Recent Posts

Parveen Shakir

पूरा दुःख और आधा चाँद

पूरा दुःख और आधा चाँद हिज्र की शब और ऐसा चाँद दिन में वहशत बहल गई रात हुई और निकला चाँद किस मक़्तल से गुज़रा होगा इतना सहमा-सहमा चाँद यादों...
Gopaldas Neeraj

प्यार की कहानी चाहिए

आदमी को आदमी बनाने के लिए ज़िन्दगी में प्यार की कहानी चाहिए और कहने के लिए कहानी प्यार की स्याही नहीं, आँखों वाला पानी चाहिए। जो भी कुछ...
Godan

प्रेमचंद – ‘गोदान’

प्रेमचंद के उपन्यास 'गोदान' से उद्धरण | Quotes from Godan by Premchand   "लिखते तो वह लोग हैं, जिनके अंदर कुछ दर्द है, अनुराग है, लगन...
Agyeya

वेध्य

पहले मैं तुम्हें बताऊँगा अपनी देह का प्रत्येक मर्मस्थल फिर मैं अपने दहन की आग पर तपाकर तैयार करूँगा एक धारदार चमकीली कटार जो मैं तुम्हें दूँगा— फिर मैं अपने...
Khumar Barabankavi

इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिए

इक पल में इक सदी का मज़ा हमसे पूछिए दो दिन की ज़िन्दगी का मज़ा हमसे पूछिए भूले हैं रफ़्ता-रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम क़िस्तों में ख़ुदकुशी...
Prabha Khaitan

तुम जानते हो

'अपरिचित उजाले' से तुम जानते हो मैंने तुम्हें प्यार किया है साहस और निडरता से मैं उन सबके सामने खड़ी हूँ जिनकी आँखें हमारे सम्बन्धों पर प्रश्नवाचक मक्खियों की तरह...
Taslima Nasrin

फिर देखेंगे

बुलाने पर भी जब नहीं आते कठिन बीमारी में एक दिन पकड़ लूँगी बिस्तर। ख़बर पाते ही जानती हूँ काग़ज़ों के जंगल में ढूँढोगे पासपोर्ट मिलते ही...
Kunwar Narayan

मामूली ज़िन्दगी जीते हुए

जानता हूँ कि मैं दुनिया को बदल नहीं सकता, न लड़कर उससे जीत ही सकता हूँ हाँ लड़ते-लड़ते शहीद हो सकता हूँ और उससे आगे एक शहीद का मक़बरा या एक...
Chandrakant Devtale

तुम वहाँ भी होंगी

अगर मुझे औरतों के बारे में कुछ पूछना हो तो मैं तुम्हें ही चुनूँगा तहक़ीक़ात के लिए यदि मुझे औरतों के बारे में कुछ कहना हो तो मैं...
Yashpal

चित्र का शीर्षक

जयराज जाना-माना चित्रकार था। वह उस वर्ष अपने चित्रों को प्रकृति और जीवन के यथार्थ से सजीव बना सकने के लिए, अप्रैल के आरम्भ...
Woman holding dhoop, light

दाह

दुःख भरे दिनों में वे गातीं उदासी के गीत सुख से लदे दिनों की धुन भी जाने क्यों उदास ही होती कामनाओं में लिपटी छोटी-छोटी प्रार्थनाएँ उनकी इच्छाओं...
Gardening, Soil, Planting

आज सुबह ही

आज सुबह ही मिट्टी खोदी घास उखाड़ी पानी डाला सुबह-सुबह की धूप देखकर सही जगह पर क़लम लगायी खीझ रहा था कई दिनों से मन के भीतर इस जीवन पर अस्थिर होकर घूम...
Mukut Bihari Saroj

सचमुच बहुत देर तक सोए

सचमुच बहुत देर तक सोए! इधर यहाँ से उधर वहाँ तक धूप चढ़ गई कहाँ-कहाँ तक लोगों ने सींची फुलवारी तुमने अब तक बीज न बोए! सचमुच बहुत देर...
Hungry, Poor

ग़ायब लोग

हम अक्षर थे मिटा दिए गए क्योंकि लोकतांत्रिक दस्तावेज़ विकास की ओर बढ़ने के लिए हमारा बोझ नहीं सह सकते थे हम तब लिखे गए जब जन गण मन लिखा...
Man, Woman, Transsexuality, Couple

जब कोई क्षण टूटता

वह मेरी सर्वत्रता था मैं उसका एकान्त— इस तरह हम कहीं भी अन्यत्र नहीं थे। जब कोई क्षण टूटता वहाँ होता एक अनन्तकालीन बोध उसके समयान्तर होने का मुझमें। जब कोई क्षण टूटता तब मेरा एकान्त आकाश नहीं एक छोटा-सा...
Periyar

पति-पत्नी नहीं, बनें एक-दूसरे के साथी

'ई. वी. रामासामी पेरियार : दर्शन-चिंतन और सच्ची रामायण' से विवाहित दम्पतियों को एक-दूसरे के साथ मैत्री-भाव से व्यवहार करना चाहिए। किसी भी मामले में...
Venu Gopal

सृष्टि का पहला क्षण

मैंने दीवार को छुआ—वह दीवार ही रही। मौक़ा देखकर हिफ़ाज़त करती या रुकावट बनती। मैंने पेड़ को छुआ—वह पेड़ ही रहा। एक दिन ठूँठ बन जाने की...
Jaan Nisar Akhtar

अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं

अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं कुछ शेर फ़क़त उनको सुनाने के लिए हैं अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें कुछ...
Smiling Indian Girl

हठी लड़कियाँ

वो कौन था आया था अकेले या पूरे टोले के साथ नोच लिए थे जिनके हाथों ने स्वप्नों में उग रहे फूल रात हो गई तब और गाढ़ी अपने...
God, Abstract Human

नदी सरीखे कोमल ईश्वर की रक्षा हेतु

हम जिस भी सर्वोच्च सत्ता के उपासक हैं इत्तेला कर दें उसे शीघ्रातिशीघ्र कि हमारी प्रार्थना और हमारे ईश्वर के मध्य घुसपैठ कर गए हैं धर्म के बिचौलिए बेमतलब...
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