Tag: प्रेम

Read here the best Hindi Love Poems and Stories

Ashok Vajpeyi

वही तो नहीं रहने देगा

कविता संग्रह 'कहीं नहीं वहीं' से  प्रेम वही तो नहीं रहने देगा उसके शरीर की लय को, उसके लावण्य की आभा को उसके नेत्रों के क्षितिज ताकते एकान्त...
Abstract, Love, Couple

कितनी कम जगहें हैं प्रेम के लिए

कितना तो सहज होता है मौसम का यूँ ही मीठा हो जाना शेफालियों का अनायास झर जाना बारिशों का सोंधा हो जाना भर जाना आकाश का सम्भावनाओं से और...
Pigeon, Peace, Bird

प्रेम की डाक

ईश्वर के हरकारे चल पड़े हैं प्रेम की डाक लेकर वसंत ऋतु में उनके पास सभ्यता के प्रथम प्रेम की स्मृतियों की अनन्त कहानियाँ हैं रोशनी के आलोक में जब शहर स्थिर...
Girl, Woman, Smiling, Window

रुत

1 इधर उत्तरायण हुए सूर्य का मन माघ जल के छींटों से तृप्त हुआ और उधर गुलाबी सर्दी की तान ने नायक जनवरी को फ़रवरी के प्रेम में...
Gopaldas Neeraj

प्रेम-पथ हो न सूना

प्रेम-पथ हो न सूना कभी, इसलिए जिस जगह मैं थकूँ, उस जगह तुम चलो। क़ब्र-सी मौन धरती पड़ी पाँव पर शीश पर है कफ़न-सा घिरा आसमाँ, मौत की...
Hands, Love, Couple

प्रेम मेरे लिए

मैं नहीं मानता उसे प्रेम जिसमें एक व्यक्ति को नसीब हो रसातल दूसरे को मिले उन्मुक्त आकाश, इसे नहीं कहा जा सकता इंसाफ़। 'दोनों में बराबर बँटें दुःख' यह...
Mangalesh Dabral

प्रेम करती स्त्री

प्रेम करती स्त्री देखती है एक सपना रोज़ जागने पर सोचती है क्या था वह निकालने बैठती है अर्थ दिखती हैं उसे आमफ़हम चीज़ें कोई रेतीली जगह लगातार बहता नल उसका...
Kirti Chaudhary

प्यार करो

प्यार करो अपने से मुझसे नहीं सभी से प्यार करो। वह जो आँखों से दूर उपेक्षित पड़ा हुआ, वह जो मिट्टी की सौ पर्तों में गड़ा हुआ। वह जिसकी साँसें अभी आश्रित जीती...
Gaurav Bharti

कविताएँ: फ़रवरी 2021

तुम्हारे साथ थोड़ा और मनुष्य हुआ मैं तुम्हारे साथ तुम्हारा शहर अपना-सा लगा तुम्हारे साथ मैंने जाना— कि शहर को जानना हो तो शहर में बहती नदी को जानना चाहिए नदी की...
Flower, Hand

फ़रवरी: वसन्त और प्रेम की कुछ कविताएँ

छोटा पीला फूल जिन छोटे-छोटे फूलों का हम नाम नहीं जानते अवसाद के क्षणों में घास, झाड़ी या पत्तियों में से उँगली बढ़ा वही हमें थाम लेते हैं घास में उगे उस पीले...
Anurag Anant

स्वप्न-प्रसंग

तुमने कहा था एक बार गहरे स्वप्न में मिलोगी तुम कितने गहरे उतरूँ स्वप्न में कि तुम मिलो? एक बार मैं डूबा स्वप्न में इतना गहरा कि फिर उभरा...
Couple, Silhouette

आख़िरी बार मिलो

आख़िरी बार मिलो ऐसे कि जलते हुए दिल राख हो जाएँ कोई और तक़ाज़ा न करें चाक-ए-वादा न सिले, ज़ख़्म-ए-तमन्ना न खिले साँस हमवार रहे, शमा की लौ...
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