तुम्हारा मुझे चाँद कहना

‘Tumhara Mujhe Chand Kehna’, Hindi Kavita by Shiva

तुम्हारा मुझे चाँद कहना
मजबूर करता है मुझे
सुंदर परिधानों, आभूषणों व शृंगार से ढँके रहने को

चाँद की सतह पर चट्टानें हैं,
दाग और गड्ढे हैं,
मृत ज्वालामुखी हैं,
लावा के समंदर हैं,
इन्हीं सब से मैं भी बनी हूँ
पर ना तुम सूरज की किरणों से इतर चाँद देख पाते हो
ना साज-ओ-सज्जा के बिना मुझे देख पाओगे
समीप आओगे, निराश हो जाओगे

मेरा और तुम्हारा मिलना
कविताओं तक ही सीमित है..।

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