फिर आई फ़स्ल-ए-गुल फिर ज़ख़्म-ए-दिल रह रह के पकते हैं
फिर आई फ़स्ल-ए-गुल फिर ज़ख़्म-ए-दिल रह रह के पकते हैं
मगर दाग़-ए-जिगर पर सूरत-ए-लाला लहकते हैं
नसीहत है अबस नासेह बयाँ नाहक़ ही बकते हैं
जो बहके...
चल अँधेरे के मुँह को काला कर
चल अँधेरे के मुँह को काला कर
खिड़कियाँ खोल दे उजाला कर
इक ना एक दिन तो काम आएंगे
आस्तीनों में सांप पाला कर
दें मिसालों में सब तेरी ही...
आग सीने में बड़ी तेज़ जला रख्खी है।
आग सीने में बड़ी तेज़ जला रख्खी है,
मेरी शोहरत ने तेरी नींद उड़ा रख्खी है।
शहर में जब से हवा चलने लगी है मेरी,
मेरे दुश्मन...
ज़िद है उन्हें पूरा मिरा अरमाँ न करेंगे
ज़िद है उन्हें पूरा मिरा अरमाँ न करेंगे
मुँह से जो 'नहीं' निकली है अब 'हाँ' न करेंगे
क्यूँ ज़ुल्फ़ का बोसा मुझे लेने नहीं देते
कहते...
शब्द (दोहा ग़ज़ल)
मान और अपमान दउ, देते आये शब्द।
अतः तौल के बोलिये, सब को भाये शब्द॥
सजा हस्ति उपहार में, कभी दिलाये शब्द।
उसी हस्ति के पाँव से,...
पहले तो नेज़े ख़्वाब में बोया करेंगे रात दिन
पहले तो नेज़े ख़्वाब में बोया करेंगे रात दिन
आँखों से अपनी ख़ून फिर धोया करेंगे रात दिन
हम तितलियों के पँख पे धारें लगा के...
ज़बाँ को बंद करें या मुझे असीर करें
ज़बाँ को बंद करें या मुझे असीर करें
मिरे ख़याल को बेड़ी पिन्हा नहीं सकते
ये कैसी बज़्म है और कैसे उस के साक़ी हैं
शराब हाथ...
दिवाली पर यही व्रत धार लेंगे
दिवाली पर यही व्रत धार लेंगे,
भुला नफ़रत सभी को प्यार देंगे।
इनायत है जियादा उन पे रब की,
जो होते गूँगे, लँगड़े, बहरे, भेंगे।
रहें झूठी अना...
जगमगाते दियों से मही खिल उठी
जगमगाते दियों से मही खिल उठी,
शह्र हो गाँव हो हर गली खिल उठी।
लायी खुशियाँ ये दीपावली झोली भर,
आज चेह्रों पे सब के हँसी खिल...
गुज़र आखिरी है
गुज़र आखिरी है, बसर आख़िरी है,
दुआओं का तेरी असर आख़िरी है,
नहीं मिल सकेंगे अगर अबकि बिछड़े
के चलता हूँ मैं अब सफर आख़िरी है,
मेरी याद...
आँखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते
आँखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते
अरमान मिरे दिल के निकलने नहीं देते
ख़ातिर से तिरी याद को टलने नहीं देते
सच है कि हमीं...
दिल की बेचैनी बढ़ाकर दिल लगाना सीखिए
दिल की बेचैनी बढ़ाकर दिल लगाना सीखिए,
ज़िन्दगी जीना है ग़र तो मुस्कुराना सीखिए,
इश्क़ के दरिया में कोई नाव है चलती नहीं
पार जाना है अगर...













