दुआ करो कि ये पौधा सदा हरा ही लगे
दुआ करो कि ये पौधा सदा हरा ही लगे
उदासियों में भी चेहरा खिला-खिला ही लगे
वो सादगी न करे कुछ भी तो अदा ही लगे
वो...
आलोक मिश्रा की ग़ज़लें
1
इस सियह रात में कोई तो सहारा मिल जाए
अपने अंदर ही कोई साया चमकता मिल जाए
उसको इक दुःख से बचाना भी ज़ुरूरी है बहुत
बस...
गुलों में रंग भरे, बाद-ए-नौ-बहार चले
गुलों में रंग भरे, बाद-ए-नौ-बहार चले
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले
क़फ़स उदास है यारो सबा से कुछ तो कहो
कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज...
ऐसा भी कोई सपना जागे
ऐसा भी कोई सपना जागे
साथ मिरे इक दुनिया जागे
वो जागे जिसे नींद न आए
या कोई मेरे जैसा जागे
हवा चली तो जागे जंगल
नाव चले तो...
कचनार की टहनी
झुकी मन के गवाक्षों पर किसी कचनार की टहनी
हमारे द्वार तक आयी किसी के द्वार की टहनी
लदी जब लाल फूलों से, बुलाने लग गई...
दिल धड़कने का सबब याद आया
दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी, अब याद आया
आज मुश्किल था सम्भलना ऐ दोस्त
तू मुसीबत में अजब याद आया
दिन गुज़ारा था बड़ी...
धूप ये अठखेलियाँ हर रोज़ करती है
धूप ये अठखेलियाँ हर रोज़ करती है
एक छाया सीढ़ियाँ चढ़ती-उतरती है
यह दिया चौरास्ते का ओट में ले लो
आज आँधी गाँव से होकर गुज़रती है
कुछ...
सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं
सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं
सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं
सुना है रब्त है उस को ख़राब-हालों...
ख़ंजर चमका, रात का सीना चाक हुआ
ख़ंजर चमका, रात का सीना चाक हुआ
जंगल-जंगल सन्नाटा सफ़्फ़ाक हुआ
ज़ख़्म लगाकर उसका भी कुछ हाथ खुला
मैं भी धोखा खाकर कुछ चालाक हुआ
मेरी ही परछाईं...
सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है
सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है
इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है
दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढे
पत्थर...
किसको देखा है, ये हुआ क्या है
किसको देखा है, ये हुआ क्या है
दिल धड़कता है, माजरा क्या है
इक मोहब्बत थी, मिट चुकी या रब
तेरी दुनिया में अब धरा क्या है
दिल...
उनसे नयन मिला के देखो
उनसे नयन मिला के देखो
ये धोखा भी खा के देखो
दूरी में क्या भेद छुपा है
इसका खोज लगा के देखो
किसी अकेली शाम की चुप में
गीत पुराने...

















