किसी से इश्क़ करना चाहिए था
किसी से इश़्क करना चाहिए था
मुझे हद से गुज़रना चाहिए था
वो आँखों में उतरकर रह गया है
जिसे दिल में उतरना चाहिए था
मुहब्बत पाके भी...
हमेशा दायरे की हद से बाहर सोचते हैं हम
हमेशा दायरे की हद से बाहर सोचते हैं हम
दिखाते हैं तुम्हें दरिया समंदर सोचते हैं हम
हमेशा टूट जाना भी बहुत अच्छा नहीं होता
उठाते वक़्त...
एक कतरा गाल पर ठहरा रहा
एक कतरा गाल पर ठहरा रहा
और उदासी में खलल पड़ता रहा
खुद ही अपने घोंसले बर्बाद कर
इक परिंदा उम्र भर रोता रहा
चारागर को वो सलाह...
आँधियाँ आती थीं लेकिन कभी ऐसा न हुआ
'Aandhiyaan Aati Thi Lekin Kabhi Aisa Na Hua', a ghazal by Shahryar
आँधियाँ आती थीं लेकिन कभी ऐसा न हुआ
ख़ौफ़ के मारे जुदा शाख़ से...
मन मूरख मिट्टी का माधो, हर साँचे में ढल जाता है
मन मूरख मिट्टी का माधो, हर साँचे में ढल जाता है
इसको तुम क्या धोखा दोगे, बात की बात बहल जाता है
जी की जी में रह जाती...
आदमी आदमी से मिलता है
आदमी आदमी से मिलता है
दिल मगर कम किसी से मिलता है
भूल जाता हूँ मैं सितम उस के
वो कुछ इस सादगी से मिलता है
आज क्या...
न सही गर उन्हें ख़याल नहीं
न सही गर उन्हें ख़याल नहीं
कि हमारा भी अब वो हाल नहीं
याद उन्हें वादा-ए-विसाल नहीं
कब किया था यही ख़याल नहीं
ऐसे बिगड़े वो सुन के...
यारो कू-ए-यार की बातें करें
यारो कू-ए-यार की बातें करें
फिर गुल ओ गुलज़ार की बातें करें
चाँदनी में ऐ दिल इक इक फूल से
अपने गुल-रुख़्सार की बातें करें
आँखों आँखों में...
दिल की धड़कन और फिर आँखों का पानी हो गए
दिल की धड़कन और फिर आँखों का पानी हो गए
तुम जुदा भी तब हुए जब ज़िंदगानी हो गए
हमने देखा है नशेमन में इन्हें रोते...
तुम्हारी ज़ब्त यादों की हिफाज़त कर रहा हूँ मैं
तुम्हारी ज़ब्त यादों की हिफ़ाज़त कर रहा हूँ मैं
मिरी जां आज भी तुमसे मुहब्बत कर रहा हूँ मैं
हवा जब भी तुम्हारे गाल को छूकर...
बाढ़ इंसानों की इक दुनिया बहाकर ले गई
बाढ़ इंसानों की इक दुनिया बहा कर ले गई
ये हवा जब भी गई छप्पर उड़ा कर ले गई
जादूगरनी की तरह निकली हमारी मुफ़लिसी
सब मिरा...
ज़िन्दगी से सिर्फ़ इतना वास्ता रक्खें विकल
ज़िन्दगी से सिर्फ़ इतना वास्ता रक्खें विकल
अपने घर से उसके घर तक रास्ता रक्खें विकल
देख हमको इक सरापा है संवरता बारहा
क्या ज़रूरत है हमें के...












