Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
प्रेम जादू नहीं जानता
'Prem Jadoo Nahi Janta', a poem by Chandra Phulaar
एक होता है प्रेम
एक होता है 'जादू'
'जादू' बिल्कुल
प्रेम जैसा दिखता है
सलोना... मादक...
वह तुम्हें आश्वस्त करता है
कि...
सिर्फ़ एक लड़की
अपने सर्द कमरे में
मैं उदास बैठी हूँ
नीम-वा दरीचों से
नम हवाएँ आती हैं
मेरे जिस्म को छू कर
आग सी लगाती हैं
तेरा नाम ले लेकर
मुझको गुदगुदाती हैं
काश...
सलमबाई
'Salambai', a story by Soni Pandey
यह कहानी स्त्रियों की अकथ प्रेम की पीर-सी चुभती रही है।
घूँघट की ओट से ताकती नवेली दुल्हनों की आँख...
कठघरे में भूमिका, वो बात
Poems: Yogesh Dhyani
कठघरे में भूमिका
सन्देह से परे था
तुम्हारा प्रेम
फिर क्यों
हाथ आया विछोह
अनुपस्थित था शायद कोई
तुम्हारी प्रार्थना से
असम्भव है मान पाना
कि तुमने नही माँगा मुझे
अपनी प्रार्थना...
वो कहता है
रुचि की कविता 'वो कहता है' | 'Wo Kehta Hai', a poem by Ruchi
बन्द पलकों को चूम लेती जब तो
वो कहता, तुम्हारे चुम्बन वज़नी...
निकी पुष्कर की कविताएँ
Poems: Niki Pushkar
आदत
सहेजने की पुरानी आदत है मेरी
तुमसे भी जब जो मिला,
मैंने सहेजकर
हृदय में रख लिया,
तुम्हारी हर एक बात,
हर एक भाव-भंगिमा,
सारे संवाद,
मुलाक़ात की तारीख़ें,
मुलाक़ात...
श्री यंत्र
मुकेश कुमार सिन्हा की कविता 'श्री यंत्र' | 'Shri Yantra', a poem by Mukesh Kumar Sinha
आज एकदम से पर्स से खनककर
वो ख़ास 'श्री यन्त्र'...
रोज़ खुलती नयी राह
सुनीता डागा की कविता 'रोज़ खुलती नयी राह' | 'Roz Khulti Nayi Raah', a poem by Sunita Daga
तुम चाहते हो कि
रोज़ एक कविता लिखूँ तुम...
रोज़ी
यह कविता यहाँ सुनें:
https://youtu.be/OxEAcYCb80s
अमृता प्रीतम की कविता 'रोज़ी' | 'Rozi', poetry by Amrita Pritam
नीले आसमान के कोने में
रात-मिल का साइरन बोलता है
चाँद की चिमनी...
कवि, कील और कविता
'Kavi, Keel Aur Kavita', a poem by Anurag Anant
सबने नाव देखी
किसी ने नाव की देह में धँसी कीलें नहीं देखीं
इन्हीं कीलों ने नाव को...
लघु कविताएँ
Poems: Nutan Gupta
समय-बोध
अश्वारूढ़ होकर
चलने का तात्पर्य
यह कभी नहीं है
कि तुम्हें
ठोकर लग ही नहीं सकती,
वायु वेग से चलने वाले
अश्व भी कभी-कभी
धड़ाम हो जाते हैं।
अतिरेक
मैंने ऐसे...
तुमसे अलग होकर
तुमसे अलग होकर लगता है
अचानक मेरे पंख छोटे हो गए हैं,
और मैं नीचे एक सीमाहीन सागर में
गिरता जा रहा हूँ।
अब कहीं कोई यात्रा नहीं...










