Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
सारे काम निपटाकर तुम्हें याद करने बैठा
सारे काम निपटाकर तुम्हें याद करने बैठा।
फ़ुर्सत ही नहीं देते लोग
तुम्हारे चेहरे पर नज़र टिकायी नहीं कि कोई आ गया
'क्या कर रहे हैं?'
'कुछ भी तो...
स्मृतियों की धूप
'Smritiyon Ki Dhoop', a poem by Mridula Singh
ऑटो के पीछे
हिलते हुए पोस्टर की तरह तुम्हारा प्रेम
समय की दहलीज़ पर
डगमगाता-सा है
तुम्हें पता है कि
इससे विलग करती...
तुमसे उद्भव मेरा
'Tumse Udbhav Mera', a poem by Santwana Shrikant
मैंने तुमसे प्रेम किया
बैचैन हुई, नींद त्यागी,
तुम्हें जो पसन्द था,
उसे पसन्द किया,
आख़िर में मेरे पास
कुछ नहीं बचा मेरा।
और तुम...
औपन्यासिक
'Aupanyaasik', a poem by Agyeya
मैंने कहा : अपनी मनःस्थिति
मैं बता नहीं सकता। पर अगर
अपने को उपन्यास का चरित्र बताता, तो इस समय अपने को
एक...
गौरव भारती की कविताएँ
Poems: Gaurav Bharti
गुमशुदगी से ठीक पहले
शहर मुझे दीमक सा खाए जा रहा है
मैं लगातार ख़ुद को बचाने की नाकाम कोशिश में जुटा हूँ
गणित ने ज़िन्दगी के...
रात आधी खींचकर मेरी हथेली
रात आधी, खींचकर मेरी हथेली, एक उँगली से लिखा था 'प्यार' तुमने।
फ़ासला था कुछ हमारे बिस्तरों में
और चारों ओर दुनिया सो रही थी,
तारिकाएँ ही...
मीठी पीड़ा
'Meethi Peeda', a poem by Poonam Sonchhatra
मैं प्रेम में थी
या प्रेम मुझमें था...
अमावस की काली रात में भी
झर-झर झरती रही शरद पूनम की शुभ्र चाँदनी
मैंने...
प्रेरणा के नाम
तुम्हें याद होगा प्रिय
जब तुमने आँख का इशारा किया था
तब
मैंने हवाओं की बागडोर मोड़ी थीं,
ख़ाक में मिलाया था पहाड़ों को,
शीश पर बनाया था एक...
आराधना जोशी की कविताएँ
Poems: Aaradhana Joshi
वो दोस्त है उसका
दिन के उजाले अब उसे नहीं भाते
वो प्रतीक्षा करती है सूरज के डूबने का
दिनभर मन कुमलाया सा रहता है
ईश्वर...
जीतता तो प्रेम ही है
'Jeetata Toh Prem Hi Hai', a poem by Rahul Boyal
तुम्हें विस्मृत कर देने के मेरे सब प्रयास
और केवल स्वयं के ही रह जाने का...
कशमकश
क्षितिज पर डूबते तारे-सा है हमारा प्रेम
मैंने मुस्कुराहटों की एक गुल्लक बनायी थी
और तुमसे मिलने के ठीक पहले ही
उसे तोड़ा था
तुम्हें नहीं मालूम, लेकिन
उधार...
आमद
'Aamad', a poem by Niki Pushkar
इतने बेखटके आने का प्रयोजन...?
कोई सम्बोधन,
एक पुकार तो लगाते
इतनी चुप आमद पर
कोई कैसे सतर्क होता
मुझे ज़रा भी भान न...








